लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में ईमानदार अधिकारियों को काम करने नहीं दिया जा रहा है. नतीजा यह है कि कई ईमानदार अधिकारी रिटायरमेंट से पहले ही नौकरी छोड़ रहे हैं.
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा, ''ईमानदार अधिकारी भ्रष्टाचार के कारण काम नहीं करना चाहते. उन्हें काम करने नहीं दिया जाता. ईमानदार अधिकारी अपना काम नहीं कर पाते.'' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की भाषा अनुचित है और कई ईमानदार अधिकारी समय से पहले सेवा छोड़ रहे हैं.
मेरठ में किसान नेताओं पर अत्याचार का आरोप
अखिलेश ने मेरठ में पुलिस हिरासत में किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ कथित तीसरी डिग्री टॉर्चर की निंदा की. दोनों नेताओं ने मंच से अपना दर्द बयान किया. अखिलेश ने कहा कि उन्हें गंभीर चोटें आईं, लेकिन मेडिकल जांच तक नहीं होने दी गई. उन्होंने सलाह दी कि वे अदालत का रुख करें. उन्होंने कहा, ''हमारी सरकार बनेगी तो मैं इनके साथ न्याय और सम्मान सुनिश्चित करूंगा''. साथ ही कहा कि अगर कानून का राज है तो IPS अधिकारी पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) का मामला दर्ज होना चाहिए और ऐसे अधिकारी का सेवा में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.
कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक संपत्ति और नौकरियों पर हमला
अखिलेश ने कहा कि यूपी में डकैती और लूट आम बात हो गई है. उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित कर सकती है. भाजपा को अधर्म का गैंग बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के मॉडल अपने लोगों की जेब भरने के लिए बनाए गए हैं. उन्होंने कहा, ''ये वो लोग हैं जो मंदिर से भी चोरी कर लें.''
उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC), कन्नौज की पहली गाय के दूध की प्लांट और लखनऊ की छतर मंजिल जैसी सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया. कहा कि सरकार JPNIC की पार्किंग और कैफे से भी पैसे कमाएगी. पूर्व प्रधानमंत्री की मूर्ति के लिए आवंटित राशि के गबन का भी जिक्र किया, जिसमें तांबे की मूर्ति बताई गई थी लेकिन मिट्टी की निकली.
खंगार समुदाय, जाति जनगणना और महिलाओं के वादे
अखिलेश ने खंगार समुदाय को रोजगार के अवसर न मिलने की बात कही और देशव्यापी जाति जनगणना की मांग दोहराई. उन्होंने वादा किया कि सपा खंगार समुदाय को उनकी आबादी के अनुरूप सम्मान देगी और लखनऊ के सबसे प्रतिष्ठित रिवरफ्रंट पर उनके ‘राजा’ की मूर्ति स्थापित करेगी.
पंचायत चुनाव न कराने, एक लाख नौकरियों के वादे और महिलाओं को मिलने वाले लाभ पर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए. महिलाओं को पहले 500 रुपए दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार बनी तो 40,000 रुपए दिए जाएंगे.
''सरकार के पास किसी समस्या का हल नहीं''
अखिलेश ने पानी सप्लाई और ड्रेनेज की समस्या का उदाहरण देते हुए कहा कि पानी की पाइप बिछा दी गईं, लेकिन लोग ड्रेनेज को लेकर भिड़ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हर विभाग में लूट मची है और ऐसा लगता है जैसे अगले महीने चुनाव होने वाले हैं.
उन्होंने कहा कि जनता संकीर्ण और नकारात्मक सोच वाले लोगों को उखाड़ फेंकेगी.