बेंगलुरु: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्ती परीक्षा में हुए कथित घोटाले में बड़ा मोड़ आ गया है. कर्नाटक आपराधिक जांच विभाग (CID) ने IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को गिरफ्तार कर लिया है. वे KPSC में परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) रह चुके हैं.
गंगवार 2016 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में MSME निदेशक के पद पर तैनात थे. उन्होंने फरवरी 2024 से मार्च 2026 तक KPSC में परीक्षा नियंत्रक के रूप में काम किया था. इसी दौरान 400 पशु चिकित्सा अधिकारी (Veterinary Officers) के पदों के लिए परीक्षा आयोजित हुई थी.
क्या हैं आरोप?
CID के अनुसार, गंगवार पर OMR शीट में हेरफेर करने, प्रश्नपत्र लीक करने और उम्मीदवारों के अंकों में बदलाव कर रिश्वत लेने के आरोप हैं. कुछ शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चयनित उम्मीदवारों को मदद के बदले 70-80 लाख रुपए तक मांगे गए थे. एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो उम्मीदवारों से 1.1 करोड़ रुपए लेने का भी आरोप है.
परीक्षा 8 जनवरी 2026 को हुई थी और अंतिम चयन सूची 17 जुलाई को जारी की गई थी. इसके बाद कई असफल उम्मीदवारों ने धांधली की शिकायत की. CID ने सैकड़ों OMR शीट फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजी हैं.
पूछताछ और गिरफ्तारी
गंगवार से शुक्रवार और शनिवार को करीब 21 घंटे तक पूछताछ की गई. जांच एजेंसी का कहना है कि वे सहयोग नहीं कर रहे थे और विरोधाभासी जवाब दे रहे थे. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें एक दिन की हिरासत में भेज दिया है. CID विस्तारित हिरासत की मांग कर रही है ताकि घोटाले की पूरी परतें खोली जा सकें.
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उनके बेंगलुरु और बरेली (उत्तर प्रदेश) स्थित आवासों पर छापेमारी की थी. ED मनी लॉन्ड्रिंग की अलग जांच कर रही है. यह घोटाला कर्नाटक में बड़े चर्चा का विषय बना हुआ है. CID आगे और गिरफ्तारियां करने की तैयारी में है, जिसमें KPSC के अन्य अधिकारी, सदस्य और उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं.