'' नागरिक को सरकार का गुलाम बनाया जा रहा...'' बॉम्बे हाई कोर्ट का तीखा हमला

Amanat Ansari 02 Jul 2026 09:09: PM 1 Mins
'' नागरिक को सरकार का गुलाम बनाया जा रहा...'' बॉम्बे हाई कोर्ट का तीखा हमला

मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस माधव जामदार ने गुरुवार को केंद्र और राज्य सरकारों पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है. विरोध प्रदर्शन करने या सरकार के फैसलों के खिलाफ नारे लगाने पर उनके खिलाफ केस ठोक दिए जाते हैं. जज की ये टिप्पणियां सुनते ही कोर्ट में सनसनी फैल गई.

सुनवाई के दौरान जस्टिस जामदार ने सख्त लहजे में कहा, ''वे विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, आंदोलन नहीं कर सकते. यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हो गए हैं. अगर लोग विरोध करेंगे तो आप केस कर देंगे. क्या है ये? विरोध करना नागरिकों का अधिकार है.''

मामला क्या था?

यह टिप्पणी सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी की याचिका पर आई. मुंबई पुलिस ने उन्हें इलाके से निष्कासित (Externment) करने का आदेश दिया था क्योंकि वे CAA, ज्ञानवापी मस्जिद और अन्य मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तथा भाजपा सरकार मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे थे. कोर्ट ने पुलिस के इस आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि सिर्फ नारेबाजी या सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए किसी को क्षेत्र से बाहर नहीं किया जा सकता. जज ने जोर देकर कहा कि पुलिस नौकर नहीं, पब्लिक सर्वेंट है.

जस्टिस जामदार ने महाराष्ट्र में चल रही हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि एक बच्चे की मौत पर चर्चा की बजाय विधानसभा में पाला बदलने की बात हो रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ''पाला बदलने की सोचो, एक वॉशिंग मशीन है.''

कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और 21 (जीवन का अधिकार) का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता को राहत देते हुए कहा कि कार्रवाई गलत इरादे से की गई थी. यह फैसला और जज की टिप्पणियां स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. इसने राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है.

Government Slaves Bombay High Court Case on Protest Justice Madhav Jamdar

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