रावलकोट (पीओके): पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में मंगलवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया. सैकड़ों स्थानीय लोगों ने रावलकोट के ईदगाह मैदान में खुलेआम पाकिस्तान के खिलाफ बगावत का ऐलान कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा, "हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं हैं."
जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर इस्लामाबाद खाद्यान्न आपूर्ति रोकने की नीति जारी रखा तो स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए अन्य रास्ते अपनाने को मजबूर हो जाएंगे. उन्होंने कहा, "हमें आपके राशन की जरूरत नहीं है, आपको हमारी जरूरत है. हम किसी भी तानाशाह (शाहबाज शरीफ और आसिम मुनीर) को बर्दाश्त नहीं करेंगे."
आंदोलन क्यों तेज हुआ?
POK के विभिन्न इलाकों में पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन में लोग सस्ता राशन, बिजली, पानी, बेहतर सड़कें, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की मांग कर रहे हैं. पाकिस्तानी सरकार ने JAAC पर प्रतिबंध लगाकर और खाद्य सामग्री, ईंधन व दवाओं की आपूर्ति रोककर दबाने की कोशिश की, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ है.
स्थानीय बाजारों में राशन की भारी कमी हो गई है. मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं बंद हैं. सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हैं.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार उन्हें सामूहिक सजा दे रही है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की "वास्तविक कश्मीरी नहीं" वाली टिप्पणी ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश को और भड़का दिया. POK में इस समय कर्फ्यू जैसे हालात हैं और स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है. देखना होगा कि पाकिस्तान सरकार इस उबलते विद्रोह को कैसे संभालती है.