नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारतीय जैन संत आचार्य लोकेश मुनि शामिल होंगे. ईरान सरकार की ओर से उन्हें औपचारिक निमंत्रण मिला है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. 4 और 5 जुलाई को तेहरान में होने वाले जनाजे में आचार्य लोकेश मुनि अमेरिका से सीधे ईरान पहुंचेंगे. वे 3 जुलाई को इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाल्ला कॉम्प्लेक्स में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्राध्यक्षों और विश्व नेताओं के साथ शिरकत करेंगे.
शांति दूत की भूमिका
आचार्य लोकेश मुनि अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक और वैश्विक शांति दूत के रूप में जाने जाते हैं. ईरान के निमंत्रण पत्र में भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए उनकी उपस्थिति को दोनों देशों के बीच सम्मान और मित्रता का प्रतीक बताया गया है. वर्तमान में अमेरिका में ‘वी सपोर्ट पीस’ अभियान चला रहे आचार्य लोकेश की यह यात्रा वैश्विक शांति संदेश के रूप में देखी जा रही है.
जनाजे की तैयारी
ईरानी मीडिया के अनुसार, जनाजे में 1.2 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है. तेहरान में सुरक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल होंगी. अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमले में मृत्यु हो गई थी. उनका अंतिम संस्कार उनके जन्मस्थान मशहद में भी किया जाएगा.