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लखनऊ: जो लोग कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ सरकार में अधिकारियों को खुली छूट मिली हुई है. उनकी बोलती योगी के एक फैसले ने बंद कर दी है. क्योंकि मथुरा में एक साहब बीडीओ थे. अपने अधिकारी होने का घमंड था. सोच रहे थे कि हमें रोकने वाला कौन है. हम तो अपनी मनमानी करेंगे. गरीब लोगों को सताएंगे. लेकिन योगी सरकार ने दिखा दिया कि यहां रोका भी जाता है और ठोका भी जाता है.
दरअसल, ये पूरा मामला मथुरा का है. जहां एक खंड विकास अधिकारी यानि कि बीडीओ साहब हैं. जिनकी नीयत एक महिला के मकान पर खराब हो गई. पहले मकान किराये पर लिया फिर वापस करने में आनाकानी करने लगे. धीरे-धीरे उस मकान पर अपना कब्जा ही जमा लिया. लेकिन वो ये भूल गए थे कि ये योगी सरकार है. यहां गुनाह करने वालों के लिए माफी नहीं है. फिर वो चाहे कोई अधिकारी हो या फिर कोई बाहुबली ही क्यों ना हो. सबके साथ समान इंसाफ होता है और हुआ भी यही. अब बीडीओ साहब जेल की हवा खा रहे हैं. चलिए आपको पूरा मामला विस्तार के साथ बताते हैं...
भूदेव लवानिया बसरेहर के खंड विकास अधिकारी हैं. लवानिया मथुरा के राधिका विहार के रहने वाले हैं. इनके पड़ोस में मधु पत्नी राजेंद्र खंडेलवाल का मकान है. 10 मार्च 2024 को भूदेव लवानिया ने इस मकान को किराये पर लिया. इनका कहना था कि बेटे की शादी के लिए मकान किराये पर चाहिए. 26 अप्रेल को बेटे की शादी हो जाती है. लेकिन भूदेव मकान खाली नहीं करते. जब बुजुर्ग बार-बार मकान के लिए कहते हैं तो भूदेव बात को टालने लग जाते हैं. फिर आरोप लगते हैं कि बुजुर्ग महिला का कोई बेटा नहीं है. इस बात का फायदा भूदेव भी उठाता है.
वो धमकी देता है कि अगर मकान खाली करने के लिए कहा तो परिवार समेत गायब कर दिए जाओगे. जिसके बाद मधु खंडेलवाल आरोप लगाती हैं कि मथुरा का कोई अधिकारी उनकी बात नहीं सुनता. फिर मजबूर होकर वो राष्ट्रीय महिला कल्याण आयोग और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास लिखित शिकायत भेजती हैं. जिसके बाद 13 जुलाई 2024 को मथुरा कोतवाली में भूदेव के खिलाफ धमकाने और मकान पर कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज होती है. इतना सब होने के बाद भी बीडीओ भूदेव लवानिया ने मकान का मोह नहीं छोड़ा. वांछित होने के बावजूद वो पुलिस और न्यायालय के सामने पेश भी नहीं हुए. जिसके बाद फिर पुलिस ने एक्शन लेते हुए मथुरा से भूदेव को गिरफ्तार कर लिया है.