नई दिल्ली: लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश भाजपा की महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर जोर दिया गया. इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने की, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) तरुण चुघ प्रमुख रूप से मौजूद रहे.
बैठक में उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया जहां एसआईआर का काम अपेक्षित स्तर से कम हुआ है. ऐसे क्षेत्रों के विधायकों को सख्त चेतावनी दी गई कि यदि वे इस अभियान में पूरी सक्रियता नहीं दिखाते, तो आगामी चुनाव में उनका टिकट खतरे में पड़ सकता है. तरुण चुघ ने स्पष्ट कहा कि जिन इलाकों में काम कमजोर है, वहां मान लिया जाए कि संबंधित जनप्रतिनिधि चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं रखते. यदि कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता, तो वह सीधे मुख्यमंत्री या प्रदेश अध्यक्ष को बता दे, लेकिन अभियान में ढिलाई सहन नहीं की जाएगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन सीटों की सूची साझा की जहां एसआईआर का प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसमें लखनऊ जिला भी शामिल है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अगले कुछ दिनों में सभी अन्य काम छोड़कर सिर्फ वोटर बढ़ाने के काम में जुट जाएं. हर बूथ पर टेबल लगाकर मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाए और असली-नकली वोटरों की पहचान की जाए. योगी ने उन क्षेत्रों का जिक्र किया जहां पिछले चुनाव में जीत या हार का अंतर बहुत कम था, और चेताया कि एसआईआर में लापरवाही सीधे चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है.
तरुण चुघ ने अभियान के दीर्घकालिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि वर्तमान मेहनत का फायदा आने वाले 20 साल तक मिलेगा, क्योंकि इसी मतदाता सूची पर आधारित कई विधानसभा और लोकसभा चुनाव होंगे. यह सूची भविष्य में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक चुनने में निर्णायक भूमिका निभाएगी. उन्होंने 26 दिसंबर तक का समय महत्वपूर्ण बताया और कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि इसके बाद कोई विस्तार की उम्मीद न रखें.
फर्जी वोटरों को हटाने पर विशेष बल दिया गया. चुघ ने उदाहरण दिए कि कई जगह एक ही घर में 50-80 वोट दर्ज हैं या एक व्यक्ति को कई लोग पिता बता रहे हैं. कार्यकर्ताओं को सरल ऐप के जरिए संदिग्ध नाम चिन्हित करने, फॉर्म-7 से आपत्ति दर्ज करने और फॉर्म-6 से नए मतदाताओं को जोड़ने के निर्देश दिए गए. 26 दिसंबर के बाद ड्राफ्ट सूची जारी होने पर अतिरिक्त प्रतियां बूथों तक पहुंचाकर बड़े स्तर पर दावा-आपत्ति दाखिल करने को कहा गया.
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव सहित आगे के सभी चुनाव जीतने के लिए एसआईआर में पूरी गंभीरता बरतने पर जोर दिया. दूसरे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कार्यकर्ताओं से अन्य सभी काम छोड़कर इस अभियान में लगने का आह्वान किया. कुल मिलाकर बैठक में एसआईआर को पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को पूर्ण समर्पण के साथ जुटने का संदेश दिया गया.