गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर दौरे के दौरान खजनी के खानीपुर गांव में टोरंट कंपनी द्वारा स्थापित राज्य के पहले और देश के दूसरे ग्रीन हाइड्रोजन पावर प्लांट का उद्घाटन किया. इस प्लांट की क्षमता 22,000 मेगावाट है, जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति लाएगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगा.
हरित ऊर्जा की नई शुरुआत
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्लांट ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के साथ-साथ सीएनजी और पीएनजी का भी उत्पादन करेगा, जिसे रसोई गैस के रूप में घर-घर तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा, "यह गैस भविष्य में मोबाइल कॉल जितनी सस्ती होगी, जिससे हर परिवार को इसका लाभ मिलेगा." यह प्लांट न केवल ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी मदद करेगा.
22000 मेगावाट का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 22,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 6,000 मेगावाट की क्षमता हासिल की जा चुकी है. बाकी लक्ष्य को जल्द पूरा करने की योजना है. उन्होंने कहा कि यह प्लांट ग्रीन हाइड्रोजन, सीएनजी और पीएनजी के उत्पादन के जरिए रसोई गैस को सस्ता और सुलभ बनाएगा, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए वरदान
सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और बीमारियों से बचाव में मदद करेगा. उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में इसकी लागत अधिक है, लेकिन तकनीकी प्रगति के साथ यह जल्द ही किफायती हो जाएगी. उन्होंने कहा, "यह प्लांट उत्तर प्रदेश में हरित क्रांति का प्रतीक बनेगा और लोगों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगा."
विकास का नया मॉडल
मुख्यमंत्री ने टोरंट कंपनी और स्थानीय प्रशासन की इस पहल की सराहना की और इसे देश के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ऊर्जा की कमी को दूर करेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को गति देगी और बिहार के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाएगी. यह प्लांट उत्तर प्रदेश के आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है.