Yogi Adityanath Janata Darshan: लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के अंदर जनता दर्शन कार्यक्रम चल रहा था, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों से मिल कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ले रहे थे, इतने में उनकी नजर एक छोटी मासूम सी बच्ची पर पड़ती है, मुख्यमंत्री इस बच्ची के पास पहुंचते हैं, और जानना चाहते हैं कि आखिरकार इस मासूम को उनके पास आने की जरूरत क्यों पड़ी, और वो जाकर बच्ची से पूछते हैं, कि यहां क्यों आई हो, जिसका जवाब देते हुए बच्ची कहती है कि स्कूल जाना है, योगी को लगता है कि बच्ची स्कूल नहीं जाना चाहती, इसलिए वो पूछते हैं स्कूल नहीं जाना है, जवाब में बच्ची कहती है स्कूल जाना है, मैं स्कूल जाना चाहती हूं, आप मेरा एडमिशन करा दीजिए. जिसके बाद योगी पूछते हैं किस क्लास में एडमिशन चाहिए 10वीं या 11वीं में, जवाब में बच्ची कहती है-अरे, मुझे नाम नहीं पता. इस बातचीत के बाद योगी तुरंत आदेश देते हैं कि बच्ची जिस स्कूल में एडमिशन लेना चाहती है, वहां इसका एडमिशन तुरंत करया जाए, और ये वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है.
इस घटना ने यह साफ कर दिया कि प्रदेश सरकार न केवल बड़े विकास प्रोजेक्ट्स या कानून-व्यवस्था पर ध्यान दे रही है, बल्कि आम नागरिकों, खासकर बच्चों की बुनियादी जरूरतों को भी गंभीरता से ले रही है।
सीएम योगी ने इस मौके पर यह भी दोहराया कि उनकी सरकार का एक प्रमुख उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में प्रशासन स्वयं संज्ञान लेकर बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करे।
जनता दर्शन में आए सैकड़ों लोगों को भी मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासनिक तंत्र को पहले से ही यह निर्देश है कि जनता दर्शन में उठाए गए मामलों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए।
इस छोटे से परंतु अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण ने प्रदेश में शिक्षा, संवेदना और जनसेवा को एक नई दिशा देने का कार्य किया है। यह साबित करता है कि यदि सरकार का नेतृत्व संवेदनशील हो, तो व्यवस्था में बदलाव संभव है।