लोकसभा चुनाव के खराब प्रदर्शन के बाद सबकी नजरे योगी आदित्यनाथ पर थी. कार्यसमिति का बैठक में योगी आदित्यानाथ सभी कार्यकर्ताओं के संबोधित कर रहे थे तो उनका गुस्सा साफ तौर पर देखा जा रहा था. सीएम ने खासतौर पर यूपी में किए सभी कार्यों को गिनाया. उन्होंने गौरखपुर के AIIMS की शूरूआत और उत्तरप्रदेश के विकास का मुद्दा भी उठाया और बताया कि उत्तप्रदेश को नई पहचान मिली है.
योगी यही नहीं रूके उन्होंने याद दिलाया की आप राज्य में कहीं भी जाएं, क्या काशी, क्या अयोध्या, क्या विध्यवासिनी, क्या आपको यहां पर सम्मान नहीं मिला. डॉ. लोहिया ने कहा था कि भारत तब तक भारत है जब तक राम, कृष्ण और शिव की पूजा होगी. भारत का कोई भी बाल बांका नहीं कर सकता. साथ ही उन्होने समाजवादी को लेकर कहा कि समाजवादियों ने राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को कलंकित किया. सपा ने आरक्षण में सेंध लगाने का काम किया.
संबोधन के दौरान योगी के चहरे पर एक अलग ही भाव नजर आ रहा है. अगर वो गुस्से में भी थे तो भी उनके चेहरे पर आ रहा दुख का भाव दिख रहा था. उन्होंने बताया कि ये वहीं उत्तर प्रदेश है जहां प्रयागराज में राजू पाल की हत्या होती है. उमेश पाल की हत्या होती है, क्या ये पिछड़ी जाति के नहीं थे. बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय की हत्या हो जाती है. उनके साथ गोलियों का शिकार होने वाले पिछड़ी जातियों के लोग नहीं थे. उस समय इनको लेकर क्यों आवाज नहीं उठाई गई.
सीएम योगी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में BJP को बेहतर वोट प्रतिशत मिला. डबल इंजन की सरकार के सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर करना होगा. यूपी उप चुनाव की 10-10 सीटें हमे हासिल करनी होगी. एक एक व्यक्ति को पार्टी के लिए काम करना होगा एक बहतरीन तालमेल के साथ काम करना होगा लेकिन, आज विपक्ष उछलकूद कर रहा है. उसे आगे उछलकूद करने का मौका नहीं मिलेगा.
बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद लखनऊ में यूपी बीजेपी यह पहली और सबसे बड़ी बैठक रही. इसमें जेपी नड्डा, पूर्व केंद्रीय स्मृति ईरानी समेत यूपी के 3000 नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. साथ ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा भी बैठक में पहुंचे और सभी बातों को बारिकी से समझा.