नई दिल्ली: योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली चुनाव के लिए अपना पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया है, 22 जनवरी को महाकुंभ में कैबिनेट की बैठक करेंगे, और 23 जनवरी से सीधा दिल्ली चुनाव में कूद पड़ेंगे. योगी का शेड्यूल सामने आते ही आम आदमी पार्टी में भगदड़ सी मच गई है, केजरीवाल को अभी से हार का डर सताने लगा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी दिल्ली में 14 जनसभाएं कर सकते हैं. सीएम योगी 23 जनवरी को 3, 28 जनवरी को 4, 30 जनवरी को 4 और 1 फरवरी को 3 रैलियों को सीएम योगी संबेधित करेंगे.
बंटेंगे तो कटेंगे की तरह दिल्ली चुनाव में भी योगी आदित्यनाथ कोई नारा दे सकते हैं, जो पूरा चुनाव पलट सकता है. ख़बर ये भी है कि योगी आदित्यनाथ का फोकस पूर्वी और उत्तर पूर्वी दिल्ली पर है, दिल्ली के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में योगी की रैली को लेकर विशेष तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं.
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किराड़ी जनकपुरी उत्तम नगर |
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मुस्तफाबाद घोंडा शाहदरा पटपड़गंज |
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महरौली आर के पुरम राजेंद्र नगर छतरपुर |
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पालम बिजवासन द्वारका |
इन उम्मीदवारों के लिए योगी करेंगे प्रचार
बीजेपी प्रत्याशी अजय महाबल, पवन शर्मा, आशीष सूद, रवींद्र सिंह, उमंग बजाज, प्रद्युम्न राजपूत (द्वारका), करतार सिंह तंवर, गजेन्द्र यादव (महरौली), बजरंग शुक्ला, संजय गोयल, मोहन सिंह बिष्ट और कैलाश गहलोत के लिए योगी रैली करेंगे, जिनमें कैलाश गहलोत केजरीवाल के पुराने साथी रहे हैं, योगी की दिल्ली में एंट्री से चुनाव कैसे पलट जाएगा, इसका पूरा खेल जरा इन आंकड़ों से समझ लीजिए.
योगी आदित्यनाथ की वजह से हरियाणा-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जबरदस्ते फायदा मिला. हरियाणा में उन्होंने 14 विधानसभा सीटों पर कैंपेन किया था. इनमें से 9 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी. यानि योगी का सक्सेमस रेट 64 फीसदी रहा. जबकि महाराष्ट्रल में योगी आदित्य नाथ ने महायुति के 23 प्रत्यासशयों के के लिए प्रचार किया. यहां 30 में से 22 सीटों पर बीजेपी को जबरदस्तल जीत मिली.
महाराष्ट्रर में सीएम योगी का स्ट्रा इक रेट 85 फीसदी के करीब रहा. CM योगी का नारा ‘बंटेंगे तो कटेंगे’, सिर्फ लोगों की जुबान पर नहीं चढ़ा बल्कि. महाराष्ट्रर के मुख्यटमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी तब माना था कि इस नारे की वजह से कमाल हो गया. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी के इस नारे को थोड़ा बदलते हुए ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का नारा दिया, जो बीजेपी की जीत का आधार बना.
मुख्यमंत्री योगी ऐसी बातें कहते हैं जो लोगों को जोड़ लेती है और यह जाति पॉलिटिक्सा की काट भी है. महाराष्ट्र में योगी के नारे ने कमाल का काम किया और पूरा गेम ही पलट गया. लोकसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने वाली महाविकास अघाड़ी खंड-खंड हो गई.और अब बारी दिल्ली की है, जहां केजरीवाल को तीन गलतियां भारी पड़ सकती हैं.