गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर स्थित सैनिक स्कूल में देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने नए सभागार का उद्घाटन किया तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया. यह आयोजन जनरल रावत की पुण्यतिथि की चौथी बरसी पर हुआ.
छात्रों, उनके परिजनों व वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम अलेक्जेंडर को ‘महान’ क्यों कहें? हमारे लिए महानता महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, रानी लक्ष्मीबाई तथा जनरल बिपिन रावत और परमवीर चक्र विजेताओं में है. विदेशी आक्रांता हमारे लिए महान नहीं हो सकता.”
योगी जी ने जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतों पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि ऐसे लोग देश को कमजोर करने का काम करते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पंच प्राण’ को अपनाने और 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया.
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर सैनिक स्कूल के तेज विकास की सराहना की. यहां अब 310 कैडेट्स पढ़ रहे हैं, जिनमें 75 बालिकाएं भी शामिल हैं. उन्होंने स्कूल को हर साल 8 दिसंबर को “प्रेरणा दिवस” के रूप में मनाने और जनरल रावत सहित सभी शहीदों को याद करने का निर्देश दिया.
कार्यक्रम में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा व पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने भी जनरल रावत को श्रद्धांजलि दी और नए सभागार को उचित सम्मान बताया.
योगी आदित्यनाथ ने गीता का उद्धरण देते हुए कहा, “जो युद्धक्षेत्र में बलिदान होते हैं, वे स्वर्ग प्राप्त करते हैं और जो विजयी होते हैं, वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं.”