नई दिल्ली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकार से समृद्धि प्रधानमंत्री जी का विजन है, प्रधानमंत्री जी के इस विजन के अनुरूप समृद्धि के नए सोपान को स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों के लिए पहली बार सहकारिता मंत्रालय गठित किया. पहले यह कृषि मंत्रालय के अंतर्गत एक छोटा सा आयाम हुआ करता था, लेकिन अब यह मंत्रालय के रूप में कार्य कर रहा है. देश के गृहमंत्री भारत के पहले सहकारिता मंत्री के रूप में भारत के सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं.

सीएम योगी ने आगे कहा कि सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर उत्तरप्रदेश में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्यक्रम हुए हैं. रन फ़ॉर कॉपरेशन में इस फील्ड से जुड़े हजारों लोगों ने सहभागिता की. 21 मार्च 2025 को यूपी स्टेट कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा एजीएम का आयोजन और स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ लाभांश का ऑनलाइन वितरण किया गया. 6 जुलाई 2025 को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदी को प्रमाण पत्र दिए गए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर भंडारण, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी कॉपरेटिव क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हमको देखने को मिला है. भारत सरकार की विभिन्न योजनाएं हैं उनके माध्यम से कोटवा पांडे एम-पैक्स ने 1500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम बनाया है, जो किसी भी कोऑपरेटिव के द्वारा बनाया गया सबसे बड़े गोदाम के रूप में उसकी गिनती होती है.

उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारें 'वन डिस्ट्रिक वन माफिया' पालती थीं. कॉपरेटिव क्षेत्र पिछली सरकारों के माफियाराज के कारण बर्बाद हो गया था. किसानों की हजारों करोड़ पूंजी फंस गई थी. ₹4700 करोड़ का हमने उन 16 कॉपरेटिव बैंक, जिनके लाइसेंस जब्त हो गए थे, उनमें किसानों के फंसे पैसे को हमने धीरे धीरे करके वापस करवाया. अब हमें वन डिस्ट्रिक वन कॉपरेटिव बैंक की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए.