आस्था की यात्रा को सम्मान: योगी सरकार ने 555 कैलाश यात्रियों के खाते में डाले 1-1 लाख रुपए

Global Bharat 17 Mar 2026 10:58: PM 5 Mins
आस्था की यात्रा को सम्मान: योगी सरकार ने 555 कैलाश यात्रियों के खाते में डाले 1-1 लाख रुपए

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को ₹1-1 लाख की सहायता राशि वितरित करते हुए आस्था, संस्कृति और विकास के समन्वय का स्पष्ट संदेश दिया.

उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में उमड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था न केवल भारत की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाती है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देती है. इसी दृष्टि के साथ सरकार तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यापक बनाकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत कर रही है.

तीर्थ यात्रा आस्था के साथ एकता व संस्कारों की परंपरा

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिनाइयों, चुनौतियों और विषम प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच इस यात्रा को पूर्ण करना एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव है. भारतीय सनातन परंपरा में तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम रही है.

पूर्वकाल में लोग अपने परिश्रम से अर्जित संसाधनों का उपयोग यात्रा व सेवा में करते थे, जिससे उन्हें पुण्य के साथ-साथ समाज को समझने की नई दृष्टि मिलती थी. भारत के धर्मस्थलों की स्थापना के पीछे भी यही भावना रही है. आदि शंकराचार्य द्वारा चारों दिशाओं में पीठों की स्थापना इस सांस्कृतिक एकता का प्रमाण है, जब अलग-अलग शासन व्यवस्थाओं के बावजूद भारत एक सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में स्थापित था. आज भी यह परंपरा जीवित है और आवश्यक है कि धार्मिक यात्राओं में श्रद्धा को सर्वोपरि रखते हुए उनकी पवित्रता व गरिमा को बनाए रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन मूल्यों से प्रेरित होती रहें.

बढ़ती आस्था के बीच तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कराया गया, जो यात्रा का पहला पड़ाव है और जहां विदेश मंत्रालय की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होती हैं. बदलते समय के साथ तीर्थ यात्राओं का स्वरूप भी बदला है. अब श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है. वर्ष 2025 में प्रदेश में करीब 164 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जिनमें 66 करोड़ केवल प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचे. काशी, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या एक ओर चुनौती है तो दूसरी ओर अवसर भी. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार आवागमन, ठहरने और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ कर रही है.

कैलाश यात्रा और तीर्थ स्थलों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा विदेश में होने के कारण वहां की भौगोलिक और प्रशासनिक चुनौतियां बनी रहती हैं, ऐसे में भारत सरकार और प्रदेश सरकार देश के भीतर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकती हैं, जबकि आगे की यात्रा में अन्य देशों के सहयोग की आवश्यकता होती है. कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालु अपनी आस्था के बल पर भगवान शिव के दर्शन के लिए यह यात्रा पूर्ण करते हैं. सीएम योगी ने बताया कि डबल इंजन सरकार का फोकस धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए विकास व रोजगार के अवसर सृजित करना है. पिछले आठ-नौ वर्षों में अयोध्या, काशी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल, नैमिषारण्य और मथुरा-वृंदावन सहित कई तीर्थस्थलों पर व्यापक विकास कार्य किए गए हैं. साथ ही, यात्रियों द्वारा बताई गई मेडिकल और अन्य सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर गाजियाबाद में अतिरिक्त व्यवस्थाएं विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे. सरकार का यह भी जोर है कि निर्मित सुविधाओं का बेहतर रखरखाव हो और हमारी धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए.

रामेश्वरम यात्रा को सुगम बनाने का भी हो रहा प्रयास

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भविष्य में धार्मिक यात्राओं को और सुगम बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, जिसके तहत रामेश्वरम यात्रा को उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत हो. पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है, जिससे अधिक से अधिक लोग इन स्थलों से जुड़ें और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले. प्रयागराज महाकुंभ इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन ने आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी और देशभर के लोगों को जोड़ा. 

महाकुंभ में भड़काने वालों को श्रद्धालुओं ने दिया करारा जवाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं ने प्रदेश की बेहतर सड़कों, सुव्यवस्था, सुरक्षा और सकारात्मक वातावरण की सराहना की. कई श्रद्धालु लंबी दूरी पैदल तय कर संगम पहुंचे और पूरी आस्था के साथ स्नान कर भाव-विभोर होकर लौटे. इस दौरान कुछ लोगों द्वारा भड़काने के प्रयास भी हुए, लेकिन श्रद्धालुओं ने उन्हें नकारते हुए स्पष्ट किया कि उनकी आस्था सर्वोपरि है. यह दर्शाता है कि सच्ची श्रद्धा के साथ व्यक्ति हर कठिनाई को पार कर अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है और इसी भावना के साथ सरकार भी सुविधाओं के विस्तार के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है.

आर्थिक सहायता केवल मदद नहीं, बल्कि एक संबल

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ उसकी मर्यादा और पवित्रता को श्रद्धापूर्वक बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता केवल मदद नहीं, बल्कि एक संबल है, जो यह दर्शाता है कि सरकार हर कदम पर श्रद्धालुओं के साथ खड़ी है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग भविष्य में तीर्थ यात्राओं को और सशक्त बनाने में सहायक होगा. साथ ही देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना की कि यह यात्रा और सहायता सभी यात्रियों के व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन को और अधिक सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाए.

मुख्यमंत्री ने 10 श्रद्धालुओं को प्रदान किए चेक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान मंच पर 10 श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण करने पर एक-एक लाख रुपए के चेक वितरित किए. इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साहस व आस्था की सराहना की. इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात, उत्तर प्रदेश कैलाश मानसरोवर यात्रा समिति के अध्यक्ष के.के. सिंह एवं अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे.

Kailash Mansarovar pilgrims CM Yogi Adityanath financial aid Uttar Pradesh government

Description of the author

Recent News