देहरादून: जब पूरी दुनिया महाकुंभ में संगम स्नान के लिए यूपी आ रही है तो महाकुंभ के बीच योगी उत्तराखंड दौरे पर अचानक क्यों रवाना हो गए? ख़बर है दो दिनों तक वो उत्तराखंड में रहेंगे, इस दौरान पंचूर स्थित अपने घर जाएंगे, मां से मुलाकात का भी प्रोग्राम है, लेकिन परिवार से मुलाकात करने से पहले योगी की दो तस्वीरें सामने आई हैं.

पहली तस्वीर में योगी सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देते नजर आ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तस्वीर में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और मंत्री धन सिंह रावत के साथ 3 महिलाएं भी खड़ी नजर आ रही हैं, जिनमें से एक जनरल बिपिन रावत की छोटी बेटी है, जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है, 3 पीढ़ियों से सेना में सेवा देने वाले जनरल बिपिन रावत का परिवार आज भी जमीन से जुड़ा है.

लेकिन अब आर्मी के सैन्यध्वजवाहक वाली परंपरा टूटती नजर आ रही है, क्योंकि इनकी दोनों बेटियां सेना में नहीं हैं, वो क्या करती हैं, इसे जानने के लिए ये वीडियो देखिए, जो कुछ दिनों पहले मीडिया में सामने आई थी, जहां जाने के लिए साल 2018 तक सड़क नहीं थी, जब बिपिन रावत आर्मी चीफ बने तो उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी, आजकल थोड़ी सफलता में जो लोग गांव छोड़ देते हैं.

उन्हें जनरल बिपिन रावत के परिवार से बड़ी सीख लेनी चाहिए, आज भी उनके परिवार के लोग पौड़ी जिले के बिरमोली के जवाड़ गांव की सैंणा तोक में रहते हैं, हालांकि परिवार के लोग अब नोएडा शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन अपना पहाड़ प्रेम नहीं भूले, खुद जनरल बिपिन रावत भी बराबर अपने गांव और ननिहाल जाते रहते थे, इनकी दो बेटियां हैं, जिनमें से
अपने पिता के बताए पदचिन्हों पर ही ये दोनों चल रही हैं, वरना किसी के घर में कोई पार्षद, प्रधान या विधायक बन जाए तो उसके परिवारवाले कितना हवा में उड़ने लगते हैं, आपने देखा होगा, आस-पड़ोस में महसूस भी किया होगा, पर ये परिवार जो देश के पहले सीडीएस का है, जिनका हेलीकॉप्टर तमिलनाडू के कुन्नूर में क्रैश हो गया, दोनों बेटियों के सिर से एक साथ मां-बाप का साया उठ गया, वो परिवार आज भी जमीन से जुड़ा है, जो कम देखने को मिलता है, इसीलिए इस तस्वीर पर कमेंट में जय हिंद जरूर लिखें.