योगी का विधानसभा में विपक्ष पर तीखा प्रहार, बोले- पहले की सरकारों को उपदेश देते तो UP की तस्वीर बदल जाती

Amanat Ansari 24 Dec 2025 06:16: PM 8 Mins
योगी का विधानसभा में विपक्ष पर तीखा प्रहार, बोले- पहले की सरकारों को उपदेश देते तो UP की तस्वीर बदल जाती

लखनऊ: विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को सदन के समक्ष रखा, बल्कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी तथ्यों के साथ जवाब दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सुरक्षा, कानून का राज और विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इन्हीं आधारों पर उत्तर प्रदेश की छवि देश और दुनिया में बदली है. इस दौरान, मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला भी बोला. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आज जो उपदेश हमारी सरकार को दिए जा रहे हैं, वो उपदेश पहले की सरकारों को दिए होते तो प्रदेश की स्थिति कुछ और होती. 

विपक्ष के उठाए सवालों को गंभीरता से लेगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष और सभी दलीय नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में उठाए गए अधिकांश विषय आम जनमानस से जुड़े हुए हैं और प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को सरकार गंभीरता से लेती है और उन पर आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी हैं तथा उनकी सहजता और सरलता सदन को सकारात्मक दिशा देती है. उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि विपक्ष में रहते हुए सरकार के कार्यों की आलोचना की जाती है, क्योंकि विरोध में रहने का भी यही औचित्य होता है. आपने सरकार के बजट के आकार और पिछले लगभग साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सरकार के योगदान पर प्रश्न उठाए हैं. इतना अवश्य पूछना चाहूंगा कि यदि आज से लगभग नौ–दस वर्ष पहले, जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी और भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में थी, आज जो आपने उपदेश यहां दिए हैं, वे उस समय की सरकार को दिए होते तो संभवतः प्रदेश की स्थिति कुछ और होती.

2017 से पहले और बाद का अंतर प्रदेश की जनता देख रही है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, अव्यवस्था और पहचान के संकट की जो स्थिति बनी थी, उसके लिए कौन उत्तरदायी था यह उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है. आपने यह स्वीकार किया है कि अपराधियों और माफियाओं के प्रति सरकार की नीति स्पष्ट और कठोर होनी चाहिए और यह हमारी सरकार ने करके भी दिखाया है. राज्य की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट नीति और उसे लागू करने की इच्छाशक्ति आवश्यक होती है. इसके चार प्रमुख आयाम हैं और उन चारों पर सरकार ने प्रभावी ढंग से कार्य किया है. कोई भी व्यक्ति, समाज या संस्था, सबसे पहले सुरक्षा चाहता है. कानून का राज हो, हर व्यक्ति, हर बेटी, हर व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे यह किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि में जो बदलाव आया है, वह देश और दुनिया दोनों के सामने है. पहले प्रदेश की छवि अच्छी नहीं थी, यह हम सभी को पीड़ा देता था. आज प्रदेश के भीतर या बाहर जाने पर लोग स्वयं कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल है, दंगे नहीं हैं, अराजकता नहीं है.

बेटी किसी भी पक्ष की हो उसे न्याय मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय कैसे होता है, इसका उदाहरण भी हमारे सामने है. पूजा पाल प्रकरण इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. आपके समय में माफिया के सामने झुकना मजबूरी थी, लेकिन आज सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि बेटी किसी भी पक्ष की हो, उसे न्याय हर हाल में मिलेगा. यह केवल सत्ता या विपक्ष का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा और सम्मान का विषय है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस रिद्धिमा यादव की बात यहां कही जा रही है उसे भी न्याय हमारी सरकार जरूर देगी. मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों के सवाल पर कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि चाहे कोई भी हो, किसी भी स्मारक, पौराणिक स्थल या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा. अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी. सरकारी भूमि गरीबों के लिए है, न कि माफिया के लिए.

गरीब और वंचितों के लिए लाए गए बिल पर सपा का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य है कि इस सदन में जब ग्रामीण अभिलेख विधेयक लाया गया तो समाजवादी पार्टी ने उसका विरोध किया. ग्रामीण अभिलेख से संबंधित संशोधन विधेयक पहली बार गरीब को उसके मकान का वैधानिक अधिकार देता है. यह अधिकार महिला सदस्य के नाम पर दर्ज होगा, जिससे वह आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेगी. लेकिन यदि कोई माफिया या असामाजिक तत्व सरकारी भूमि पर कब्जा कर अनैतिक गतिविधियाँ करेगा, तो उस पर कठोरतम कार्यवाही होगी. उन्होंने कहा कि यही सुरक्षा का वातावरण है, जिसने उत्तर प्रदेश की छवि बदली है और जिसके कारण आज प्रदेश में निवेश आ रहा है. यह परिवर्तन परिणाम आधारित है, और उत्तर प्रदेश की जनता ने इसका उत्तर दिया है और आगे भी देती रहेगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर सपा सरकार को जमकर लताड़ा 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर चर्चा करते हुए कहा कि पिछले पौने 9 वर्षों में प्रदेश में विकास की रफ्तार, पहचान और सम्मान तीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है. इसके पीछे मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की हालत किसी से छिपी नहीं थी. सड़कों पर गड्ढे, मेट्रो के नाम पर मजाक, रेलवे नेटवर्क में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी थी. बुनियादी ढांचे की बदहाली आम बात थी. उस दौर में प्रदेश की पहचान एक पिछड़े राज्य के रूप में बनती जा रही थी. तत्कालीन सरकारें मजबूरी में गठबंधन करती थीं, लेकिन विकास के नाम पर अराजकता फैलती रही. जब केंद्र में यूपीए और प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब भी आपसी संबंधों और समन्वय की स्थिति बेहतर नहीं रही.

वर्ष 2017 से पहले यूपी में महज डेढ़ एक्सप्रेस–वे थे, आज 22 एक्सप्रेस–वे हैं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महज डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि आज प्रदेश में 22 एक्सप्रेस-वे हैं. यदि ये सभी पूरी तरह संचालित हो जाते हैं, तो देश के कुल एक्सप्रेस-वे में से लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की होगी. आज यह उत्तर प्रदेश की स्पीड है. रेलवे नेटवर्क के मामले में भी प्रदेश आज देश में सबसे आगे है. उत्तर प्रदेश लगभग 16,000 किलोमीटर के नेटवर्क के साथ देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है. इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को फोर लेन में बदला गया है और मेट्रो सिटी के मामले में भी प्रदेश देश में अग्रणी है. देश में सबसे अधिक मेट्रो शहर आज यूपी में हैं. हवाई कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा बदलाव आया है. वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बहुत कम थी, जिनमें से दो पूरी तरह संचालित थे जबकि दो आंशिक रूप से संचालित थे. आज 16 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं, जिनमें चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं. इसके साथ ही पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) जो भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, अगले महीने से संचालित होने जा रहा है. यह प्रदेश के विकास का प्रतीक है.

सपा शासनकाल में हाई स्कूल और इंटर में थर्ड डिवीजन को बनाया आयोग का अध्यक्ष

देश की पहली रैपिड रेल उत्तर प्रदेश में चल रही है और देश का पहला वॉटर-वे भी यूपी में ही संचालित हो चुका है. वाराणसी से हल्दिया के बीच चल रहे जलमार्ग को प्रयागराज तक और आगे बलिया से अयोध्या तक विस्तार देने की योजना पर काम चल रहा है. यह सभी परियोजनाएं सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी-बड़ी बातें करना समाजवादी पार्टी का अहंकार है. जब व्यक्ति या पार्टी यह कहने लगती है कि मैंने यह कर दिया, तभी अहंकार पैदा होता है और इसी वजह से जनता काे सम्मान नहीं मिलता था. उन्होंने कहा कि सम्मान तब मिलता है, जब दुनिया खुद कहे कि आपने अच्छा काम किया है. आज दुनिया कह रही है कि उत्तर प्रदेश में अच्छा हो रहा है और इसका सम्मान हर उत्तर प्रदेशवासी को मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए वर्ष 2017 से पहले शिक्षा और भर्ती आयोगों में कथित गड़बड़ियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले अयोग्य लोगों को अहम पदों पर बैठाया जाता था. उस दौरान हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में थर्ड डिवीजन पाने वाले लोगों को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ. यूपी के नौजवानों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ.

यूपी ने बनाया बिना घूस के सरकारी नौकरी देने का अनूठा रिकॉर्ड

प्रदेश में पौने नौ वर्षों में लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां बिना किसी घूसखोरी के दी गई हैं. यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है. मुख्यमंत्री ने हाल ही में 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इतनी पारदर्शी और बड़े पैमाने की भर्ती पहले कभी नहीं हुई. वर्ष 2017 से पहले पुलिस प्रशिक्षण की कुल क्षमता केवल 3,000 थी. बड़ी संख्या में भर्ती होने के बावजूद प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था. ट्रेनिंग अवधि को 9 महीने से घटाकर 6 महीने कर दिया गया था, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल के लिए अच्छी ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, सेवा के दौरान उतना ही खून कम बहेगा. हमने वर्ष 2017 के बाद प्रशिक्षण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है ताकि पुलिस बल अधिक सक्षम और पेशेवर बन सके. हमने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती बोर्ड में तकनीकी और प्रशासनिक तंत्र को मजबूत किया गया है. 

वर्तमान सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी नौकरी के साथ एम्प्लॉयमेंट के नए रास्तों पर भी काम कर रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा आयोग में हाल ही में एक रिटायर्ड डीजीपी को नियुक्त किया गया है. उन्होंने जैसे माफियाओं की कमर तोड़ी है, वैसे ही नकल माफिया की कमर भी तोड़ी जाएगी. नकल माफिया की आदतें पिछली सरकारों में बिगड़ीं, लेकिन उन्हें सुधारना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है. हमारा उद्देश्य प्रदेशवासियों की रक्षा और दुर्जनों को दंड देना है. मुख्यमंत्री ने परित्राणाय साधूनां, विनाशाय च दुष्कृताम्” का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सरकार केवल औपचारिकता निभाने नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधारने के लिए बैठी है. इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नौकरियों के साथ-साथ एम्प्लॉयमेंट के अन्य रास्तों पर भी काम किया जा रहा है.

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