नई दिल्ली: अगर बीजेपी सत्ता में होती और बंगाल जल रहा होता तो कोई बीजेपी से नहीं देश के सिस्टम से सवाल पूछता? आज बंगाल की तस्वीर हर कोई देख रहा है? फिर भी हमारे देश के नेता मौन क्यों हैं? राहुल गांधी का एक भी पोस्ट नहीं आया, राहुल गांधी ने एक भी तस्वीर नहीं डाली, अजीत अंजुम और रवीश कुमार जैसे लोग मुर्शिदाबाद क्यों नहीं गए? पूरा सच क्यों नहीं दिखाया जा रहा है? जब सिस्टम और नेताओं का कद दंगाईयों के आगे छोटा हो गया, तब योगी की एंट्री का सवाल कहां से आया? योगी को बुलाने वाला कोई और नहीं बल्कि वही नेता हैं जिन्हें नरेंद्र मोदी ने बंगाल में बीजेपी का चेहरा और विपक्ष का नेता बनाया है...तो फिर उन्हें पीएम मोदी को बुलाना चाहिए? योगी का नाम क्यों लेते हैं? बंगाल का योगी से क्या नाता है?
कहानी में सियासी एंगल भी है. बीजेपी बंगाल की घटना का दर्द नेशनल मीडिया के ज़रिए पूरे देश को दिखाना चाहती है. बीजेपी कानून का रास्ता ले तो आज ही पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा! लेकिन ऐसा रास्ता सियासी तौर पर थोड़ा रिस्की है! इसलिए बंगाल बीजेपी और ममता बनर्जी हमें दोनों से कोई उम्मीद नहीं लगती है! मुर्शिदाबाद के सांसद युसूफ पठान का कांड भी सुन ही लीजिए. भारत में क्रिकेट का अपना धर्म होता है. इनको देश ने कितना प्यार दिया, इनके लिए स्टेडियम में हिन्दू भी होता था और मुस्लिम भी. लेकिन युसूफ पठान घर पर चाय का आनंद उठा रहे हैं. एक भी हिन्दू परिवार से नहीं मिले कि मुर्शिदाबाद क्यों छोड़ना पड़ रहा है? अब असली सच इस तस्वीर में देखिए...
हमारे देश में नेता कैमरे के सामने आपस में लड़ते हैं. लेकिन कैमरे के पीछे इनका चेहरा कुछ और और होता है. जनता आपस में लड़ रही है. कोई हिन्दू मर रहा, कोई मुसलमान...कोई पत्थर उठा रहा, कोई पलायन कर रहा है. लेकिन दो दिन पहले ये तस्वीरें दिल्ली की है...सोनिया गांधी को देखकर बीजेपी नेता खातेदारी में लग गए, रेखा गुप्ता लंबे वक्त तक राहुल गांधी से बात करती रहीं! पीएम मोदी खुद कहते हैं कि ममता दीदी मेरे लिए हर जन्मदिन पर कुर्ता भेजती हैं. दीदी भी कहती हैं कि पीएम मेरे लिए साड़ी भेजते हैं! देश का सिस्टम, कानून, सुप्रीम कोर्ट, कपिल सिब्बल जैसे वकीलों को बंगाल का दर्द क्यों नहीं दिखता है? जहां कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के बाद पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है, वहां हालात कैसे होंगे! जरा सोचिए, घरों में घुसकर जो आग लगाई गई है, वो दिल में अभी भी धधक रही है! लेकिन हर कोई ख़ामोश है?
बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ जो कुछ हो रहा था. उसी का एक वर्जन बंगाल में दिख रहा है! बीजेपी नेता कहते हैं योगी को भेज दो...योगी कैसे जा सकते हैं? क्योंकि वो तो सीएम हैं....बड़े नेता को बुलाना है तो प्रधानमंत्री को क्यों नहीं बुलाते, अमित शाह को क्यों नहीं बुलाते? ये सियासी नौटंकी क्यों हो रही है? पलायन की तस्वीरें क्यों आ रही है? क्योंकि सिस्टम में हर कोई मिला है? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी देखना चाहिए. बंगाल में महिलाओं के साथ क्या हो रहा है? फिर भी कोई ना देखे तो समझ लीजिएगा चुनाव आने वाला है, नेता भी आग लगाने वाले हैं!