उत्तर प्रदेश: वैसे तो वृंदावन की होली लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहती है, लेकिन इस बार हर किसी की नजर संभल की होली पर है... ऐसा इसलिए क्योंकि सीओ अनुज चौधरी ने 6 मार्च को एक बयान दिया...जिस पर सियासत होना शुरू ही हुई थी कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनुज चौधरी के बयान का समर्थन करते हुए कुछ ऐसा कह दिया कि सबकी बोलती ही बंद हो गई... सीएम योगी ने क्या कहा वो बताएं, उससे पहले सर्किल ऑफिसर अनुज चौधरी का 6 मार्च वाला बयान जानिए... उन्होंने कहा था कि
"होली एक ऐसा त्योहार है, जो साल में एक बार आता है, जबकि शुक्रवार की नमाज साल में 52 बार होती है। अगर किसी को होली के रंगों से असहजता महसूस होती है, तो उन्हें उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए। जो लोग बाहर निकलते हैं, उन्हें व्यापक सोच रखनी चाहिए और त्योहारों को एक साथ मिलकर मनाना चाहिए।"
जैसे ही अनुज चौधरी का ये बयान सामने आया, सियासी माहौल गर्म हो गया... समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने यहां तक कह दिया कि...
"संभल में अनुज चौधरी ने ही दंगा कराया है। वो ही कह रहे थे कि गोली चलाओ, गोली चलाओ। जब कभी व्यवस्था बदलेगी तो ऐसे लोगों को जेल जाना पड़ेगा।"
एंकर- दूसरी तरफ संभल के डीएम राजेंद्र पेंसिया ने भी सख्ती दिखाते हुए ये निर्देश दे दिया कि उनकी और एसपी केके बिश्नोई की इजाजत के बगैर कोई भी अधिकारी सार्वजनिक रूप से बयान नहीं देगा... ऐसे में लगने लगा कि था अनुज चौधरी बयान देकर फंस गए हैं... कुछ लोग तो उन्हें हटाए जाने की संभावनाएं जताने लगे थे... लेकिन इस बीच एक न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनुज चौधरी के बयान का समर्थन करते हुए कहा-
"होली के मौके पर एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। स्वाभाविक तौर पर जुमे की नमाज हर शुक्रवार को होती है, लेकिन होली साल में एक बार ही होती है, तो प्यार से समझाया गया है। मैं धन्यवाद देना चाहूंगा उन लोगों का जिन्होंने बयान जारी कर कहा कि पहले होली का आयोजन होने दो। 14 मार्च को होली है, 2 बजे तक होली खेलने दो, फिर आप नमाज पढ़ो। इस बारे में मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी अपील की है। हम भी इसे मानेंगे, क्योंकि होली साल में एक बार पड़ती है और जुमे की नमाज हर हफ्ते होती है। स्थगित भी हो सकती है, कोई बाध्यकारी तो है नहीं कि होनी ही होनी है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति नमाज पढ़ना चाहता है, तो अपने घर में पढ़ सकता है। आवश्यक नहीं है कि वो मस्जिद में ही पढ़े। अगर जाना ही है, तो रंग से परहेज ना करें। अगर रंग से किसी को परहेज है, तो उसका घर में ही नमाज पढ़ना अच्छा होगा और पुलिस अधिकारी ने यही बात समझायी है। ठीक है, जो हमारा पुलिस अधिकारी है, वो पहलवान रहा है, अर्जुन अवॉर्डी है, पूर्व ओलंपियन रहा है। अब पहलवानी के लहजे में बोलेगा तो कुछ लोगों को बुरा लग सकता है, लेकिन जो बात सच है, उस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए।"
एंकर- सीएम योगी के इस एक बयान ने उन सभी लोगों की बोलती बंद कर दी है, जो अनुज चौधरी के बयान को सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश बता रहे थे... हालांकि ये पहली बार नहीं है, जब अनुज चौधरी इस तरह की चर्चाओं से घिरे हों... क़रीब 3 महीने पहले संभल में एक शिव मंदिर को क़रीब 46 साल के बाद खोला गया था... जहां सीओ और एसपी को ख़ुद मंदिर में मौजूद शिवलिंग की सफाई करते देखा गया था... तब कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे... दोबारा मंदिर खुलने के बाद अनुज चौधरी एक बार फिर चर्चा में तब आए, जब मंदिर के लिए निकल रही शोभायात्रा में पुलिस वर्दी में गदा लेकर वो आगे-आगे चलते दिखे... इतना ही नहीं, संभल में पिछले साल हुई हिंसा में जब पुलिस अधिकारी दावा कर रहे थे कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई थी, तब अनुज चौधरी ने कहा था
"एक पढ़े-लिखे आदमी को इस तरह के जाहिल मार देंगे। हम पुलिस विभाग में मरने के लिए भर्ती थोड़े हुए हैं।"
एंकर- इससे पहले रामपुर में तैनाती के दौरान उनकी समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान से तीखी बहस हो गई थी... सालों पुरानी इस घटना में सपा नेता आज़म ख़ान मुरादाबाद कमिश्नर से मिलने जा रहे थे, इसी दौरान सीओ सिटी के पद पर तैनात अनुज चौधरी ने सभी लोगों को अंदर जाने से मना कर दिया था... तब
"आज़म ख़ान ने अनुज चौधरी से कहा था कि समाजवादियों ने ही उनकी यानी पहलवानों की पहचान की थी और उन्हें अखिलेश यादव का एहसान याद रखना चाहिए। इस पर जवाब देते हुए अनुज चौधरी ने कहा था कि उन्हें अर्जुन अवॉर्ड मिला है, जो किसी के एहसान से नहीं मिलता है।"
अनुज चौधरी का ये अंदाज देखकर लोग उनके फैन हो गए थे... सोशल मीडिया पर उनकी छवि दबंग पुलिसवाले की बनने लगी थी... आज भी लोग उनकी फिटनेस और बयानों को लेकर बात करते हैं... अनुज चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर के रहने वाले हैं... खेल कोटे से उनकी भर्ती पुलिस विभाग में हुई थी... 2012 से वो डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के पद पर हैं... अनुज को अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है और उन्होंने कुश्ती में भारत की तरफ से कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है... आप अनुज चौधरी को किस तरह देखते हैं, हमें कमेंट करके बताइए.