नई दिल्ली: साल के अंतिम दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम कड़ाके की ठंड और कोहरे का गोला बनकर लोगों के सामने चुनौती पेश कर रहा है. जहां पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की उम्मीद है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और ठिठुरन बढ़ने वाली है. दिल्ली में ठंड चरम पर पहुंच रही है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार में दृश्यता बेहद कम रहने से यातायात प्रभावित हो सकता है.
राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मौसम विभाग ने घने कोहरे की चेतावनी दी है. 30 दिसंबर को सुबह-शाम घना कोहरा छाया रह सकता है. न्यूनतम तापमान 7-9 डिग्री और अधिकतम 21-22 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 दिसंबर या 1 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है, जिससे गलन और बढ़ जाएगी और ठंड का एहसास ज्यादा तीखा होगा.
उत्तर प्रदेश व बिहार के लिए आने वाले दिन काफी कष्टदायक हो सकते हैं. यूपी के पश्चिमी हिस्सों में 31 दिसंबर तक और पूर्वी हिस्सों में 1 जनवरी तक घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, आगरा जैसे शहरों के अलावा बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर आदि जिलों में दृश्यता 50 मीटर से कम रह सकती है. इससे सड़क मार्ग पर वाहन चलाना खतरनाक हो सकता है, इसलिए चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है.
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी ठंड से राहत नहीं मिल रही. इन राज्यों में 31 दिसंबर तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है. अमृतसर, लुधियाना, अंबाला, हिसार जैसे इलाकों में विजिबिलिटी काफी कम रहेगी. राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र में कोहरे और सर्दी का असर जारी है, जो आगे भी बना रह सकता है. सुबह और शाम को ठंड ज्यादा महसूस होगी.
कश्मीर घाटी में नया पश्चिमी विक्षोभ 30 दिसंबर से सक्रिय हो सकता है, जिससे हल्की से मध्यम बर्फबारी होने की उम्मीद है. 31 दिसंबर और 1 जनवरी को ऊपरी इलाकों में बारिश या बर्फबारी संभव है. छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्सों में कुछ जगहों पर शीत लहर की स्थिति बन सकती है, जिससे ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा.
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में कोहरा, ठंड और संभावित बारिश से यात्रा और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है. सभी को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह है.