नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. इस मामले में अब पूर्व मंत्री और महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने विजय शाह का बचाव किया है. उषा ठाकुर उस समय मंच पर मौजूद थीं, जब विजय शाह ने कर्नल सोफिया के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जब उनसे इस बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "जो होना था, वह हो चुका है. कई बार बोलते समय जुबान फिसल जाती है, जिससे गलतफहमी पैदा हो जाती है." उन्होंने यह भी कहा कि किसी की मंशा गलत नहीं थी और यह अनजाने में हुआ होगा.
विजय शाह ने एक जनसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उनके बयान में कहा गया था, "जिन्होंने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा, उन कटे-फटे लोगों को हमने उनकी बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई." इस बयान को सोफिया कुरैशी और आतंकवादियों से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद इसे सेना और देश की बेटी का अपमान माना गया. इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि जबलपुर हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए विजय शाह के खिलाफ चार घंटे में FIR दर्ज करने का आदेश दिया. कोर्ट ने उनकी भाषा को 'गटर स्तर' का बताया और इसे देशद्रोह की श्रेणी में रखा.
विजय शाह ने विवाद बढ़ने के बाद माफी मांगी और कहा, "मैं सपने में भी कर्नल सोफिया के बारे में गलत नहीं सोच सकता. अगर मेरे बयान से किसी की भावनाएं आहत हुईं, तो मैं 10 बार माफी मांगता हूं." हालांकि, उनकी माफी को विपक्ष ने दिखावटी बताया. कांग्रेस ने विजय शाह के इस्तीफे की मांग की और बीजेपी पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया. सोशल मीडिया पर #JusticeForSofia और #RemoveVijayShah जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जो जनता के गुस्से को दर्शाते हैं.
उषा ठाकुर के बयान ने इस विवाद को और हवा दी है. विपक्ष का कहना है कि उषा ठाकुर उस समय मंच पर मौजूद थीं और उन्होंने बयान को रोकने की बजाय मुस्कुराकर समर्थन किया. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है. दूसरी ओर, बीजेपी ने इस मामले को शांत करने की कोशिश की. पार्टी के कुछ नेता सोफिया कुरैशी के नौगांव स्थित घर पहुंचे और उन्हें 'देश की बेटी' बताकर परिवार से मुलाकात की.
यह विवाद बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है. विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसमें उन्होंने FIR रद्द करने की मांग की. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी भाषा पर सवाल उठाते हुए फटकार लगाई. इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना बाकी है.