नई दिल्ली: शशि थरूर (Shashi Tharoor) के बाद क्या कांग्रस के एक और बड़े नेता नाराज चल रहे हैं? दावा किया जा रहा है कि इन दोनों के पार्टी छोड़ देने से कांग्रेस को दक्षिण भारत में भारी नुकसान हो सकता है. ऐसे में साउथ इंडिया के दम लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीतने वाली कांग्रेस पार्टी को फिर से दोहरा नुकसान उठाना पड़ सकता है. साथ ही मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के बाद एक और राज्य भी गंवाना पड़ा सकता है.
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने नाराजगी जताई थी और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मिलकर कांग्रेस में उनकी भूमिका बताने की बात कही थी. जिसके बाद राहुल गांधी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो थरूर ने कहा था कि अगर कांग्रेस के पास मेरे लिए कुछ काम नहीं है तो उनके लिए भी कुछ और विकल्प है. दावा यहां तक किया जा रहा है कि शशि थरूर कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं.
इसी फेहरिस्त में एक और बड़े कांग्रेस नेता का नाम शामिल हो गया है और वो हैं डीके शिवकुमार. शिवकुमार कर्नाटक के डिप्टी सीएम और राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष हैं. पार्टी में बड़े-बड़े निर्णय लेने में इनका हाथ रहता है, लेकिन इस वक्त शिवकुमार महाशिवरात्रि समारोह में शामिल होने की वजह से आलोचना झेल रहे हैं और डीके शिवकुमार की यह आलोचना कोई और नहीं बल्कि, पार्टी के ही नेता कर रहे हैं, जिसपर शिवकुमार ने भी करारा जवाब दिया है.

कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा ''मैं जन्म से हिंदू हूं और हिंदू ही रहूंगा.'' बता दें कि डीके शिवकुमार तमिलनाडु में आयोजित शिवरात्रि समारोह में शामिल हुए थे. इसी समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे, लेकिन किसी कांग्रेसी नेता के इस समारोह में शामिल होना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) सचिव पीवी मोहन सहित कई कांग्रेस नेताओं को नागवार गुजरा.
वहीं जब बुधवार को इसे लेकर शिवकुमार से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं जन्म से हिंदू हूं और हिंदू ही रहूंगा. मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे कांग्रेस अध्यक्ष का नाम मल्लिकार्जुन खड़गे है और मल्लिकार्जुन कौन हैं? वह शिव ही हैं. क्या उन्हें नाम बदल लेना चाहिए. वहीं कुंभ को लेकर शिवकुमार ने कहा कि महाकुंभ को अच्छी तरह से आयोजित किया गया था और हम लोगों को इसमें कोई गलती नहीं ढूंढना चाहिए.
जानकार दावा करते हैं कि जिस प्रकार से शशि थरूर ने भाजपा और पीएम मोदी की तारीफ करनी शुरू की और फिर पार्टी की तरफ आलोचना झेलना पड़ा, ठीक उसी प्रकास से अब डीके शिव कुमार भी भाजपा नेताओं की तारीफ करने लगे हैं. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि दोनों ही नेताओं के खिलाफ पार्टी ज्लद ही कोई कड़ा फैसला भी ले सकती है, जिससे पार्टी को नुकसान होना लाजिम है.