नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को अपनी प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने इस्तीफे का पत्र कांग्रेस के उच्च नेतृत्व को भेजा है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, यूपी प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को संबोधित किया गया है.
सिद्दीकी ने पत्र में स्पष्ट रूप से किसी खास कारण का जिक्र नहीं किया, बल्कि "अपरिहार्य परिस्थितियों" का हवाला देते हुए यह फैसला बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि उनके साथ कई अन्य साथी भी पार्टी छोड़ रहे हैं. इस्तीफा स्वीकार करने की अपील करते हुए उन्होंने नेतृत्व को सूचित किया है.
यह घटना यूपी की सियासत में खासी हलचल पैदा कर रही है, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां सिद्दीकी की मजबूत पकड़ मानी जाती है. वे पहले बसपा में मायावती के करीबी रहे थे और मंत्री पद संभाल चुके हैं. 2018 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें पश्चिमी यूपी का प्रांतीय अध्यक्ष बनाया था और मुस्लिम समुदाय में उनका चेहरा मजबूत करने की कोशिश की गई थी.
अब सवाल यह है कि उनका अगला कदम क्या होगा? कुछ सूत्रों के अनुसार, वे किसी अन्य दल में जा सकते हैं या नई राजनीतिक पहल कर सकते हैं. कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष अजय राय उन्हें मनाने की कोशिश में जुटे हो सकते हैं. यह इस्तीफा आगामी पंचायत चुनावों और विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.