प्रयागराज: महाकुंभ 2025 की शुरुआत में कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन इस बीच एक विवाद ने सबका ध्यान खींचा है. 13 साल की साध्वी गौरी गिरी को संन्यास दिलाने के मामले ने नई बहस छेड़ दी है, जिसके बाद उनके गुरु कौशल गिरी को सवालों के घेरे में लिया गया है. इस विवाद के कारण साध्वी गौरी गिरी और उनके गुरु को महाकुंभ से बाहर कर दिया गया है.

महाकुंभ में साध्वी गौरी गिरी को संन्यास देने के मामले में कई विवाद उठे हैं. बताया जा रहा है कि 13 साल की बच्ची को संन्यास लेने के लिए दबाव डाला गया, जबकि इस उम्र में बच्चों के लिए ऐसे निर्णय लेना अवैध और अनुचित माना जाता है. इसके बाद साध्वी गौरी गिरी और उनके गुरु कौशल गिरी के खिलाफ आरोप लगे कि उन्होंने बच्ची को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित कर उसे संन्यास लेने के लिए प्रेरित किया.

साध्वी के गुरु कौशल गिरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि उन्होंने इतनी कम उम्र में बच्ची को संन्यास लेने के लिए क्यों प्रेरित किया. धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इसे बच्चे के अधिकारों का उल्लंघन बताया और इस पर कड़ी आलोचना की है.
इस विवाद के बाद प्रशासन ने साध्वी गौरी गिरी और उनके गुरु कौशल गिरी को महाकुंभ से बाहर कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कदम इस प्रकार के विवादों से बचने और समाज में सही संदेश देने के लिए उठाया गया है, इस मामले पर समाज के विभिन्न वर्गों से प्रतिक्रिया आ रही है. कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं, तो वहीं कुछ का कहना है कि बच्चों पर दबाव डालने का कोई अधिकार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों और बच्चों के संरक्षण से जोड़ते हुए इसे गंभीर मुद्दा बताया है.
