...ये हैं यूपी पुलिस के क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी, जिन्हें खाकी लोगों की सेवा के लिए मिली थी, लेकिन ये छांगुर की सेवा में लग गए. छांगुर और उसके गुर्गों के खिलाफ कोई भी मुकदमा आता तो उसे लिखना छोड़िए, पीड़िता को डांटकर भगा देते थे और ऐसा ही इनका एक कारनामा खुला साल 2019 का, जब ये मेरठ के सिविल लाइन थाने में पोस्टेड हुआ करते थे. उस वक्त आशा नेगी नाम की लड़की गायब हुई और परिजन शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे तो शिकायत नहीं लिखी.
• इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी परिवारवालों का मुकदमा नहीं लिखते, बल्कि डांटकर भगा देते हैं
• उच्चाधिकारियों तक बात पहुंचती है तो जांच बैठती है,और अब्दुल रहमान को सस्पेंड कर दिया गया
• चौंकाने वाली बात ये है कि 26 जनवरी को इन्हें बेहतर ड्यूटी निभाने के लिए पुरस्कार भी मिला है
लेकिन ये वाली कहानी अब खुली है, जिस बदर सिद्दीकी को बचाने के आरोप इन पर लगे हैं, जिसके चक्कर में इनकी वर्दी खूंटी पर टंग गई, और अब सस्पेंड होकर घर बैठेंगे, वो इतना शातिर है कि यूपी पुलिस ने उसका पोस्टर जारी किया है और इसका पता बताने वालों को 2 लाख रुपए इनाम देने का ऐलान किया है, ये यूपी पुलिस की ओर से जारी पोस्टर है जिसमें लिखा है कि बदर सिद्दीकी नाम का ये लड़का सैम, आरव और समीर अरोरा जैसे नाम का इस्तेमाल कर हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें गायब करता है, इसके खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं.
पुलिस ने इसकी सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखने का ऐलान किया है. मेरठ की दो और गाजियाबाद की एक लड़की का परिवार आज भी इंसाफ मांग रहा है. यहां तक कि मेरठ की आशा नेगी नाम की लड़की का ऑडियो भी वायरल होता है, जिसने साफ कहा था बदर अब दूसरी लड़की को फ्लैट पर लाना चाहता है, मना करने पर मान नहीं रहा है.
जांच में ये पता चला है कि इससे पहले एयरहोस्टेस की पढ़ाई कर रही एक लड़की को भी बदर सिद्दीकी नाम के लड़के ने अपनी जाल में फंसाया था, उसका माइंडवॉश किया. छांगुर से उसे मिलवाया और फिर निकाह कर लिया, और फिर बदर अपना अभद्र चेहरा दिखाता है, जहां उस लड़की को मारा-पीटा जाता है, वो मायके जाती है, तो वहां से बदर उसे गाड़ी मे जबरन बिठाकर अपने साथ ले आता है और आज तक उसका अता-पता नहीं चला.
अब परिवारवाले इंसाफ मांग रहे हैं. उधर छांगुर के केस में ये जानकारी मिली है कि नवीन रोहरा ने पनामा में 10 हजार डॉलर की एक कंपनी खोली थी, साथ में सऊदी में लोगों को नौकरी का लालच भी देता था, और इसके जरिए छांगुर अपना खेल चला रहा था. फिलहाल छांगुर के और गुर्गों की गिरफ्तारी हो सकती है. इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी पर एक्शन से पहले यूपी एटीएस ने राजेश उपाध्याय नाम के क्लर्क को भी गिरफ्तार किया है, जो अदालती मामलों में छांगुर की मदद करता था.