Fraud in Rahul Gandhi Name: देहरादून पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव बताकर अलग-अलग राज्यों में नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से करोड़ों रुपए ठग रहा था. आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है. उसे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पकड़ा गया, जब एक शिकायत के बाद इस अंतरराज्यीय ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ.
यह मामला तब सामने आया जब उत्तराखंड की कांग्रेस नेता भावना पांडेय ने 3 मई को राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनसे 25 लाख रुपए की ठगी की गई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को रायबरेली से सांसद राहुल गांधी के सहयोगी कनिष्क सिंह बताता था और पार्टी में बड़ा पद दिलाने का झांसा देता था.
गौरव कुमार ने कथित तौर पर अपने एक साथी को पांडेय के घर, जाखन इलाके में नकदी लेने भेजा और पैसे मिलते ही फोन बंद कर फरार हो गया. जांच में सामने आया कि उसने कनिष्क सिंह के नाम से फर्जी पहचान बनाई थी और ट्रूकॉलर जैसे प्लेटफॉर्म पर नकली प्रोफाइल का इस्तेमाल कर भरोसा जीतता था.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी राजनीतिक वेबसाइटों और ऑनलाइन स्रोतों से डेटा जुटाकर संभावित शिकार चुनता था. वह खुद को पार्टी के शीर्ष नेताओं तक सीधी पहुंच रखने वाला बताकर चुनाव टिकट या बड़े पद दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठता था.
शिकायत के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की. बाद में देहरादून के एक मॉल से उसे गिरफ्तार किया गया, जहां वह एक अन्य नेता से पैसे लेने की कोशिश कर रहा था.
पूछताछ में आरोपी ने जयपुर के दो नेताओं से 1.90 करोड़ और 12 लाख रुपए, जबकि पटना के एक नेता से 3 लाख रुपए ठगने की बात कबूल की है. पुलिस का मानना है कि यह ठगी लंबे समय से चल रही थी, लेकिन कई पीड़ित बदनामी के डर से सामने नहीं आए.
इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ तीन और लोग चज्जू, रजत माडा और मनिंदर सिंह कालू भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो फिलहाल फरार हैं. पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक डेटा डोंगल बरामद किया है, जिनसे और सुराग मिलने की उम्मीद है.
इस गिरफ्तारी से एक बड़े राजनीतिक ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस अब अन्य पीड़ितों और पैसों के लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है.