भोपाल: भिंड जिले में तीन लोगों को एक दलित ड्राइवर को कथित तौर पर अपहरण कर, मारपीट करने और अपमानित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार रात को हुई, जब आरोपियों ने ड्राइवर को ग्वालियर से अगवा कर सुरपुरा गांव ले गए. पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे पीटा गया, शराब पीने के लिए मजबूर किया गया और मूत्र (पेशाब) पीने के लिए बाध्य किया गया, फिर उसे छोड़कर आरोपी फरार हो गए.
पीड़ित ने बताया कि वह पहले आरोपी सोनू बरुआ (22) के लिए ड्राइवर के रूप में काम करता था, जो दतावली गांव का रहने वाला है. उसने हाल ही में नौकरी छोड़ दी थी और ग्वालियर के दीनदयाल नगर में अपने ससुराल में रह रहा था. सोमवार रात को सोनू बरुआ, अपने साथियों अलोक पाठक (40, दतावली) और छोटू ओझा (27, भिंड) के साथ ग्वालियर पहुंचा, और ड्राइवर का अपहरण कर उसे सुरपुरा गांव ले गया. वहां उन्होंने उसे पीटा, शराब पिलाई और मूत्र पीने के लिए मजबूर किया.
बाद में उसे अर्ध-बेहोशी की हालत में छोड़ दिया गया. पीड़ित ने अपने परिवार को बुलाया, जिन्होंने उसे भिंड जिला अस्पताल में भर्ती कराया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (भिंड) संजीव पाठक ने बताया कि यह घटना सोमवार को हुई और तीनों आरोपियों को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया. सभी आरोपी एक ही समुदाय से हैं. मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
यह जांच का विषय है कि क्या पीड़ित को मूत्र पीने के लिए मजबूर किया गया. प्रारंभिक शिकायत के अनुसार, पीड़ित को इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने आरोपी का वाहन चलाने से मना कर दिया था, लेकिन इसका असली कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. पुलिस ने मारपीट, अपहरण और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पीड़ित का मेडिकल परीक्षण किया गया है और आगे की कार्रवाई मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी.