नई दिल्ली: ज्यादातर एक्जिट पोल में दिल्ली के अंदर बीजेपी की सरकार बना रहे हैं. लगभग हर पोल में बीजेपी स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाती दिख रही है. यानि कि अगर ये पोल सही साबित होते हैं तो बीजेपी दिल्ली के अंदर 27 साल का बनवास खत्म करेगी. लेकिन दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनाने के पीछे, केजरीवाल का एकछत्र राज खत्म करने के पीछे पूरे 5 बड़े कारण हैं. जिनके बारे में हम आपको बताने वाले हैं...
BJP को RSS का मिला साथ
दिल्ली चुनाव में बीजेपी को आरएसएस का बड़ा साथ मिला है. पीएम मोदी ने 2014 के बाद कश्मीर से लेकर केरल तक बीजेपी का कद बढ़ाया. लगभग हर राज्य में बीजेपी के विधायक और सांसद बने. पूरे उत्तर भारत में बीजेपी का लगभग एकछत्र राज हुआ. लेकिन दिल्ली में कमल ना खिल पाने की कसक बीजेपी हाईकमान को भी है. जिस वजह से इस चुनाव में आरएसएस ने घर-घर जाकर लोगों को एक करने की कोशिश की. इसी कोशिश की वजह से लोगों का भरोसा दिल्ली में बीजेपी पर बना और वोट प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिली.
लोकसभा चुनाव से सीख लेकर बदली रणनीति
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें कम रही थीं. जिसके बाद पार्टी ने अपनी रणनीति को बदला, उन गलतियों को सुधारा, और दिल्ली चुनाव में नई ऊर्जा के साथ नई रणनीति बनाई. जिसका फायदा इन चुनावों में बीजेपी को मिलता दिखी दे रहा है.
हिंदू-मुसलमान नहीं भ्रष्टाचार पर टारगेट
इस चुनाव में बीजेपी ने अपनी रणनीति में एक और बदलाव किया. हर बार हिंदू-मुसलमान का दांव खेलने वाली बीजेपी पूरी तरह बदली-बदली नजर आई. बीजेपी ने इस चुनाव में विकास और भ्रष्टाचार को मुख्य मुद्दा बनाया. हर चुनावी सभा में केजरीवाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को भुनाने की कोशिश की गई. बीजेपी का हर नेता केजरीवाल और उनके सहयोगियों पर लगे आरोपों को जनता को गिनाते दिखाई दिए. फिर चाहे बात दिल्ली शराब घोटाले की हो, या फिर बात दिल्ली के शीशमहल की हो. विधानसभा चुनाव पर ये मुद्दा पूरी तरह हावी रहा. लोगों को ये भरोसा दिलाने की हर कोशिश की गई कि दिल्ली की AAP सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचारी है.
यमुना को मुद्दा बनाया
दिल्ली की जनता के लिए एक और बड़ी दिक्कत है, वो है यमुना का प्रदूषण. जब केजरीवाल सीएम बने थे तो उन्होंने इस मुद्दे को खूब उठाया था. अरविंद केजरीवाल ने यमुना को साफ करने का वादा भी किया था. लेकिन तीन बार सीएम बनने के बाद भी केजरीवाल यमुना को साफ नहीं कर सके. तो वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन जख्मों पर नमक छिड़कने का काम भी किया. जब योगी दिल्ली में प्रचार करने के लिए आए तो उन्होंने केजरीवाल को चुनौती दी कि मैं गंगा में डुबकी लगा कर रहा हूं, क्या आप यमुना में डुबकी लगा सकते हैं. इसी बीच केजरीवाल ने यमुना में जहर मिलाने की बात कही तो, हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने यमुना का पानी पीकर फिर से केजरीवाल को घेरा. ऐसे में यमुना का प्रदूषण भी दिल्ली से केजरीवाल की विदाई का बड़ा कारण बना है.
कई विरोधी प्रत्याशियों से BJP को मिला फायदा
इन सब वजहों के अलावा एक सबसे महत्वपूर्ण कारण और भी है. वो है दिल्ली दंगे के आरोपियों का बाहर आकर चुनाव लड़ना, फिर चाहे AAP प्रत्याशी अमानतुल्ला खान हो या फिर ताहिर हुसैन, जिसे AIMIM ने टिकट दिया. ऐसे सभी प्रत्याशियों की वजह से मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में बीजेपी को फायदा मिला. इन इलाकों में मुस्लिम वोट बंटने की वजह से बीजेपी प्रत्याशियों की राह आसान हुई और पार्टी को जीत मिली.