नई दिल्ली: लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है.कोर्ट ने कहा कि वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल मेदांता में शिफ्ट किया जा सकता है. वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे. वे NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन का समर्थन कर रहे थे.
उनकी सेहत बिगड़ने के बाद 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था. उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल से उन्हें मेदांता (या अपनी पसंद के किसी निजी अस्पताल) में शिफ्ट करने की याचिका दायर की थी.
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए आज अनुमति दे दी. वांगचुक लंबे समय से शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख की मांगों को लेकर सक्रिय रहे हैं. उनकी भूख हड़ताल ने पूरे देश में चर्चा बटोरी थी. कोर्ट का यह फैसला उनकी सेहत को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.