वाशिंगटन: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए कई ईरानी हमलों की पूरी जानकारी जनता से छिपाई. इन हमलों में दर्जनों अमेरिकी सैनिक घायल हुए और कई हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन लंबे समय तक यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई.
रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन में हुए एक बड़े हमले से पहले भी ईरान समर्थित हमलावरों ने अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले किए. इनमें हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचा और कई सैनिक घायल हुए. पेंटागन ने इन घटनाओं का पूरा ब्योरा महीनों तक नहीं दिया. मामला तब और गंभीर हुआ जब जॉर्डन में एक हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और एक अन्य लापता हो गया. इसी घटना के बाद पहले के हमलों की जानकारी भी सामने आई.
पेंटागन ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे पक्षपातपूर्ण और तथ्यों से परे बताया है. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि 7 जुलाई के बाद ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें ज्यादातर मामूली चोटें थीं और वे जल्द ही ड्यूटी पर लौट गए.
इस युद्ध में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. जॉर्डन अमेरिकी अभियानों का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है क्योंकि क्षेत्र के अन्य सहयोगी देशों ने अपने ठिकानों और हवाई क्षेत्र पर पाबंदियां लगा दी हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने शहीद सैनिकों के प्रति संवेदना जताई और दोहराया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. यह रिपोर्ट युद्ध के दौरान सूचना की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है और विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है.