नई दिल्ली: तीन दशक पुराने राजस्थान बस ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अब्दुल हमीद की मौत की सजा रद्द कर दी और सह-आरोपी पप्पू उर्फ सलीम को बरी कर दिया. 22 मई 1996 को जयपुर-आगरा हाईवे पर चलती बस में हुए भीषण ब्लास्ट में 14 लोगों की मौत हो गई थी और 37 लोग घायल हुए थे.
यह घटना दिल्ली के लाजपत नगर बम ब्लास्ट के एक दिन बाद हुई थी. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ, संजय करोल और संदीप मेहता की बेंच ने माना कि ट्रायल के दौरान आरोपी को प्रभावी कानूनी मदद नहीं मिली और प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं.
अदालत ने एक साल के अंदर नए ट्रायल को पूरा करने का आदेश दिया है. बेंच ने स्पष्ट किया कि यह फैसला मामले की मेरिट पर नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की कमियों पर आधारित है. कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा छह अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को भी बरकरार रखा.
इनमें जावेद खान, लतीफ अहमद, मोहम्मद अली भट्ट, मिर्जा निसा हुसैन, अब्दुल गनी और रईस बेग शामिल हैं. इस फैसले के साथ इस मामले में फिलहाल कोई दोषी साबित नहीं बचा है. नए ट्रायल में अब्दुल हमीद को पूरी कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी.