नई दिल्ली: कोकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को दिल्ली में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद बड़ा ऐलान किया है. पार्टी अब संसद की ओर मार्च नहीं निकालेगी, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज रखेगी. CJP चीफ अभिजीत दीपके ने घायल प्रदर्शनकारियों से माफी मांगते हुए कहा, ''हम और बेहतर कर सकते थे. खासकर लड़कियों के साथ पुलिस की बर्बरता के लिए मैं माफी चाहता हूं. हम और युवाओं को चोट नहीं पहुंचाना चाहते.''
सोमवार का हिंसक प्रदर्शन
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हजारों CJP समर्थक संसद की ओर मार्च करने निकले थे. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और बैरिकेडिंग का इस्तेमाल किया. इस झड़प में करीब 180 लोग घायल हो गए, जिनमें प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों शामिल हैं. दीपके का दावा है कि 150 से ज्यादा उनके समर्थक अस्पतालों में भर्ती हैं. पार्टी ने NEET पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्याओं और परीक्षा घोटालों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है.
CJP की मुख्य मांगें...
X पर दीपके ने लिखा, ''सरकार प्रधान को बचाने के लिए युवाओं का खून बहाने को तैयार है. हम सबके लिए लड़ते रहेंगे.'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को “सबसे बड़ा पाप” बताया और कहा कि सरकार ने दोषियों को गिरफ्तार कर तुरंत कार्रवाई की है. वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने घायल प्रदर्शनकारियों का अस्पताल में हालचाल लिया. CJP ने संसद मार्च रोकने का फैसला लिया है, लेकिन आंदोलन को और मजबूत करने का संकेत दिया है. यह आंदोलन ऑनलाइन शुरू होकर अब बड़े स्ट्रीट प्रोटेस्ट में बदल चुका है.