नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक खतरनाक आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. स्पेशल सेल की टीम ने लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात कमांडर शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा कश्मीरी को गाजीपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई करीब एक महीने तक चले गहन ऑपरेशन के बाद रविवार रात को अंजाम दी गई, जिसमें केंद्रीय एजेंसियों ने भी पुलिस का साथ दिया. जांच के दौरान पता चला कि शब्बीर अहमद लोन पाकिस्तान की ISI के निर्देश पर काम कर रहा था.
उसने बांग्लादेश में लश्कर-ए-तैयबा का एक सक्रिय मॉड्यूल खड़ा किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय और बांग्लादेशी युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करके आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करना था.
पुलिस के अनुसार, लोन हाल ही में पकड़े गए एक आतंकी गिरोह का सरगना था. इस गिरोह में कुल 8 लोग शामिल थे, जिनमें 7 बांग्लादेशी नागरिक भी थे. इन सभी को दिल्ली में भेजा गया था. इन नए आतंकियों को पहले टेस्ट के तौर पर देश-विरोधी पोस्टर चिपकाने का काम सौंपा गया था, जो एक अंतरराष्ट्रीय AI समिट से पहले किया जाना था.
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे मॉड्यूल ने कोलकाता के हटियारा क्षेत्र को अपना ऑपरेशनल बेस बनाया हुआ था. दिल्ली में अपना काम पूरा करने के बाद ये आतंकी हवाई जहाज से वापस लौट गए थे, लेकिन यात्रा के दौरान छोड़े गए सुरागों के आधार पर पुलिस ने उन्हें ट्रैक करके गिरफ्तार कर लिया.
निशाने पर थे दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि इन आतंकियों ने दिल्ली के कालकाजी मंदिर और चांदनी चौक के गौरी शंकर मंदिर जैसी भीड़-भाड़ वाली धार्मिक जगहों की रेकी की थी. इससे साफ संकेत मिलता है कि वे बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहे थे, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक दिया.
नेपाल रूट से भारत में घुसा लोन
शब्बीर अहमद लोन नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में घुसा था. उसके पास से एक मोबाइल फोन, नेपाली सिम कार्ड और विभिन्न देशों की मुद्राएं बरामद की गई हैं, जिनमें बांग्लादेशी टका, पाकिस्तानी रुपये और नेपाली रुपये शामिल हैं. ये सब उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि करते हैं. लोन को 5 दिन की पुलिस रिमांड मिली है. पुलिस अब उसके अन्य साथियों, फंडिंग के स्रोतों और विदेशी हैंडलर्स के बारे में विस्तार से पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से भारत-बांग्लादेश में सक्रिय एक बड़े आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
पोस्टर अभियान के जरिए टेस्टिंग
लोन के निर्देश पर नए भर्ती किए गए आतंकियों को दिल्ली और कोलकाता में पाकिस्तान समर्थक और भड़काऊ पोस्टर लगाने का काम दिया गया था. इन पोस्टरों पर बुरहान वानी की तस्वीरें, कश्मीर संबंधी उत्तेजक नारे और ‘हम पाकिस्तानी हैं’ जैसे संदेश छपे थे. इन आतंकियों ने अपना काम वीडियो में रिकॉर्ड करके लोन को भेजा, जिसके बाद लोन ने उनकी सराहना की और आगे के काम के लिए निर्देश दिए.
इस मॉड्यूल में मालदा का उमर फारूक और कई बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे, जिन्होंने दिल्ली में व्यावसायिक और धार्मिक स्थलों की जासूसी की थी. पूरा ऑपरेशन कोलकाता के हटियारा से संचालित हो रहा था. पुलिस की स्पेशल टीम, जिसमें DCP प्रवीण त्रिपाठी और इंस्पेक्टर सुनील राजन शामिल थे, ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर गाजीपुर में लोन को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारी लोन की गतिविधियों की सटीक जानकारी के आधार पर की गई.