दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को मिली कस्टडी पैरोल, घर नहीं जा सकता, हर दिन 2 लाख देना होगा... जानिए सुप्रीम कोर्ट की शर्त

Global Bharat 28 Jan 2025 04:22: PM 1 Mins
दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को मिली कस्टडी पैरोल, घर नहीं जा सकता, हर दिन 2 लाख देना होगा... जानिए सुप्रीम कोर्ट की शर्त

नई दिल्ली: दिल्ली दंगों के आरोपी और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को राहत मिली है. कोर्ट ने ताहिर की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कस्टडी पैरोल दी है. ताहिर को यह पैरोल 29 जनवरी से 3 फरवरी तक मिली है. जेल से बाहर आने के बाद ताहिर दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार कर सकेगा. दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर 5 फरवरी को वोट डाले जाएंगे.

3 फरवरी को चुनाव प्रचार थम जाएगा. 8 फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा. ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद विधानसभा से एआईएमआईएम ने उम्मीदवार बनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने ताहिर को कस्टडी पैरोल देते हुए कहा कि उसे कस्टडी पैरोल का खर्च उठाना होगा. उसे करीब 2 लाख रुपए देने होंगे. ताहिर के साथ दिल्ली पुलिस के जवान होंगे, जिसका खर्चा भी उठाना होगा. कस्टडी पैरोल के अनुसार वह हर रोज 12 घंटे चुनावी सभा कर सकेगा.

कोर्ट ने कस्टडी पैरोल देते हुए कुछ चीजों पर प्रतिबंध भी लगाया है. जैसे कि वह अपने चुनावी कार्यालय में जा सकते हैं. मतदाताओं से मिल सकते हैं. लेकिन, करावल नगर में अपने मूल स्थान पर नहीं जा सकते हैं. इसके अलावा, वह अपने खिलाफ मामलों के बारे में किसी से कुछ भी नहीं कह सकते हैं. बता दें कि ताहिर हुसैन ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए जमानत की याचिका लगाई थी.

दंगों को भड़काने का आरोप

बता दें कि ताहिर हुसैन के खिलाफ 2020 में दिल्ली में हुए दंगों को भड़काने का आरोप है. वह चार साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने ताहिर हुसैन की याचिका पर विभाजित फैसला सुनाया था. न्यायमूर्ति पंकज मिथल ने ताहिर हुसैन की याचिका को खारिज कर दिया था, जबकि न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने चार साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद हुसैन को अंतरिम जमानत देने के पक्ष में विचार व्यक्त किया था. इसके बाद, मामले को सुप्रीम कोर्ट की एक बड़ी बेंच को भेजने का आदेश दिया गया था, ताकि इस पर गहराई से विचार किया जा सके. 

Tahir Hussain Tahir Hussain custody parole Delhi riots Supreme Court

Description of the author

Recent News