लखनऊ के अकबरनगर में बाबा का बुलडोज़र निकला तो यूपी ही नहीं पूरे देश में तहलका मचा गया. पिछले कुछ दिनों से अवैध निर्माण पर लगातार बुलडोज़र चल रहा है. लेकिन चौथे दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने बुलडोज़र की रफ़्तार को थमा दिया. बता दें कि योगी सरकार ने साबरमती की तर्ज पर लखनऊ में कुकरैल रिवर फ्रंट बनाने का निर्णय लिया है.
इसी वजह से कुकरैल नदी की जमीन पर बने निर्माणों को हटाया जा रहा है. ऐसा दावा किया जाता है कि अकबरनगर कुकरैल नदी की जमीन पर बना है. इसी को देखते हुए बुल्डोजर कार्रवाई की जा रही है. अब तक कई मकानों को जमींदोज़ किया जा चुका है. हलांकि इस बुलडोज़र कार्रवाई का शुरुआत से ही विरोध किया जा रहा है. ज्ञात होगा कि दिसंबर 2023 में जब बुलडोज़र अवैध निर्माण को गिराने पहुंचा था तो खूब बवाल मचा था.

तभी से सरकार अपने फैसले पर अडिग है, इसलिए एक बार फिर बुलडजोर अकबरनगर पहुंच गया. लेकिन मामला तब गंभीर हो गया, जब एक खबर आई कि बुलडोज़र धार्मिक स्थलों पर चलाया जा रहा है. बुलडोज़र की आड़ में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है. जैसे ही ये खबर आई कुछ ही देर में आसपास के लोग जुट गए और हंगामा करने लग गए.
इस दौरान लोग बुलडोज़र के सामने बैठ गए. तभी कुछ लोगों को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा. बता दें कि अकबरनगर द्वितीय में एलडीए ने 10 जून को 48 अवैध निर्माण को तोड़ दिया था. इसी तरह 11 जून को भी एलडीए के जेसीबी और पोकलैंड अवैध निर्माण को गिराने में जुट गए थे. कुकरैल नदी की तरफ अवैध आवासीय निर्माण को तोड़ा जा रहा था.

इसी बीच एक धार्मिक स्थल के ठीक बगल वाला अवैध निर्माण तोड़ा गया. इस कार्रवाई को लेकर ही कुछ लोगों ने धार्मिक स्थल को तोड़े जाने की अफवाह फैला दी. नतीजा कुछ ही देर में जेसीबी को रोकने के लिए कई लोग आ गए. इसका फायदा उठाकर गली के अंदर पत्थर चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई. अब ये महज़ अफवाह है या इसके पीछे वाकई कोई सच्चाई है इसे लेकर फिलहा कुछ कहना मुश्किल है.
लेकिन जिस तरह से नवीनीकरण के नाम पर बुलडोज़र कार्रवाइयां चल रही हैं उसे देखकर इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि हो सकता है कि बुलडोज़र कार्रवाई के दौरान कोई धार्मिक स्थल उसकी जद में आ गया हो. मिली जानकारी के मुताबिक कार्रवाई की जद में 2 मस्जिद, 2 मदरसे और 1 स्कूल भी आ रहे हैं, जिन्हें तोड़ा जाना है. इस काम में 12 बड़ी पोकलेन मशीन, 9 जेसीबी मशीन, 15 वाटर टैंकर लगाए गए हैं.

ऐसा नहीं है कि जिन लोगों के माकन तोड़े जा रहे हैं उनके लिए सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की है. मिली जानकारी के मुताबिक अब तक कुल 788 आवंटियों को भवन पर कब्जा दिया जा चुका है. अकबरनगर के 1800 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए हैं. सभी लोगों को आवंटन पत्र दिया जा चुका है. आवंटियों का सामान नए भवन में शिफ्ट करने के लिए कुल 53 लोडर गाड़ियां लगाई गई हैं.
बावजूद इसके लोगों में नाराज़गी है उनका कहना है कि सरकार सिर्फ छीन रही है दे कुछ नहीं रही है. आपको बता दें कि बुलडोज़र कार्रवाई के लिए पिछले साल से ही यहां रहने वालों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. कुछ लोग कोर्ट से स्टे ले आए थे. इसकी वजह से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई फिर से शुरू हो गई है.