पटना: बिहार के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को भागलपुर से 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किया. आज से इन कॉलेजों में औपचारिक रूप से शैक्षणिक सत्र 2026-30 की पढ़ाई शुरू हो गई है. यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 के तहत की गई है, जिसका लक्ष्य हर प्रखंड में उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है.
राज्य के 534 प्रखंडों में से 209 प्रखंडों में पहले कोई डिग्री कॉलेज नहीं था. इन सभी के साथ दो अतिरिक्त प्रखंडों को मिलाकर कुल 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं. उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल के अनुसार, नए सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इन कॉलेजों में अब तक 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने नामांकन कराया है. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा.
शुरुआत इन 6 विषयों से
इन विषयों के लिए विश्वविद्यालयों द्वारा शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति पहले ही कर दी गई है. भविष्य में इन कॉलेजों में आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के कुल 16 विषयों की पढ़ाई शुरू होगी. हर कॉलेज में 44 पद सृजित किए गए हैं, जिसमें 32 सहायक प्राध्यापक और 12 गैर-शिक्षकीय कर्मचारी शामिल हैं.
अस्थायी व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर
नए कॉलेजों के अपने स्थायी भवन तैयार होने तक इनका संचालन चयनित +2 विद्यालयों और बुनियादी विद्यालयों में किया जाएगा. हर कॉलेज को बुनियादी सुविधाओं (बेंच-डेस्क, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट आदि) के लिए 50-50 लाख रुपये आवंटित किए गए थे, जिससे व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं.
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और विभागीय सचिव राजीव रौशन समेत कई मंत्री राज्य के विभिन्न जिलों में इस कार्यक्रम में शामिल हुए. यह कदम बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला साबित होगा और ग्रामीण युवाओं को घर के पास गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराएगा.