बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले में अप्रैल 2021 में वीरपुर कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन रिंकू कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उनकी बेटी के लगातार प्रयासों और पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद अब मामले की दोबारा जांच शुरू हो गई है.
आईजी विकास वैभव की अगुवाई वाली SIT टीम सोमवार को बेगूसराय पहुंची. टीम ने घटनास्थल कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया, संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और पूरे मामले की समीक्षा की. टीम में बेगूसराय रेंज के DIG, कई DSP और इंस्पेक्टर शामिल हैं. आईजी विकास वैभव की अगुवाई वाली SIT टीम ने 5 साल बाद क्राइम सीन को भी री-क्रिएट किया है.
क्या था पूरा मामला?
4 अप्रैल 2021 को सुबह वार्डन रिंकू कुमारी ड्यूटी पर पहुंचीं. बाद में उनके शव एक कमरे में फांसी के हालत में मिला. पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर केस बंद कर दिया था. रिंकू की बेटी ने लगातार न्याय की गुहार लगाई. उन्होंने पुलिस प्रशासन से लेकर बेगूसराय कोर्ट तक अपील की, लेकिन शुरुआती याचिकाएं खारिज हो गईं. आखिरकार पटना हाईकोर्ट पहुंचने पर उन्हें राहत मिली. हाईकोर्ट ने IPS अधिकारी विकास वैभव के नेतृत्व में SIT गठित करने का आदेश दिया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया.
बेटी का आरोप है कि उनकी मां की हत्या की गई है. उन्होंने दावा किया कि रिंकू कुमारी से ₹15 लाख रुपये जमीन खरीदने के नाम पर लिए गए थे, जिसे उसी दिन लौटाना था. उसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई. SIT टीम ने पूरे दिन बेटियों से बातचीत की, उनके आरोपों पर जानकारी ली और कस्तूरबा विद्यालय में संदिग्ध जगहों का जायजा लिया. जांच कल भी जारी रहेगी.
यह मामला बिहार में न्याय व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर रहा है. IG विकास वैभव की टीम अब क्या नया खुलासा करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा. SIT की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.