लखनऊ : दिव्या मित्तल के राजनीति में उतरने के ऐलान के साथ ही यूपी की सियासत में एक नई तस्वीर चर्चा में आ गई है. पूर्व IAS अधिकारी ने साफ किया है कि वह किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं उठाएंगी और स्वतंत्र राजनीति करेंगी.
इसी बीच दिव्या मित्तल और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के संस्थापक एवं कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर को जनसत्ता दल के वरिष्ठ नेता बृजेश सिंह रजावत ने शेयर किया है. पोस्टर पर लिखा है कि राजनीति के कुरुक्षेत्र में स्वागत है और इसके साथ अनुप्रिया पटेल Vs राजा भैया लिखा गया है. इसी पोस्ट ने नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है.
इस तस्वीर को समझने के लिए कहानी को 2024 के लोकसभा चुनाव तक ले जाना होगा. उस चुनाव के दौरान मिर्जापुर से एनडीए प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल ने प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र में चुनावी सभा के दौरान कहा था कि लोकतंत्र में राजा-रानी के पेट से नहीं, बल्कि ईवीएम के बटन से राजा पैदा होता है. उन्होंने बिना नाम लिए कुंडा को जागीर समझने वाले स्वघोषित राजाओं पर निशाना साधा था.
इसके बाद राजा भैया ने भी जवाब दिया. उन्होंने कहा था कि अब राजा-रानी पैदा होना बंद हो गए हैं. ईवीएम से राजा नहीं, जनसेवक और जनप्रतिनिधि पैदा होते हैं. अगर कोई निर्वाचित प्रतिनिधि खुद को राजा समझने लगे तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ होगा.
अब दो साल बाद दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री और राजा भैया के साथ वायरल तस्वीर ने उसी पुराने सियासी अध्याय को फिर चर्चा में ला दिया है. हालांकि, तस्वीर के आधार पर दिव्या मित्तल और राजा भैया के बीच किसी राजनीतिक गठजोड़ की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है. इसलिए फिलहाल यह तस्वीर और पोस्ट सियासी अटकलों का विषय हैं, किसी गठबंधन की पुष्टि नहीं.