कराकास: वेनेजुएला में प्रकृति ने भयानक कहर बरपाया है. 24 जून की शाम को मात्र 40 सेकंड के अंतराल में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए, जिन्होंने राजधानी काराकास समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी. बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, सड़कों पर धूल का गुबार छा गया और हजारों लोग खुले आसमान के नीचे आ गए. कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भारी जानमाल की आशंका जताते हुए कहा है कि मृतकों की संख्या 10,000 से 1,00,000 तक पहुंच सकती है.
फिलहाल आधिकारिक रूप से दर्ज मौतों की संख्या कम बताई जा रही है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच आंकड़े तेजी से बढ़ने की आशंका है. पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जबकि दूसरा और अधिक खतरनाक 7.5 तीव्रता का. शुरुआत में सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया.
भारत का सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि भारत वेनेजुएला की मदद को पूरी तरह तैयार है. देश के कई हिस्सों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप हो गई है. काराकास का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी क्षतिग्रस्त हो गया. रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं. यह घटना 1967 के भूकंप की याद दिला रही है, लेकिन इस बार आधुनिक इमारतों के कारण नुकसान कहीं अधिक होने की आशंका है.