नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मंदिर में चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर तो मुखर हैं, लेकिन मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार, मस्जिदों के ध्वस्त होने और मजारों को तोड़े जाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं.
मीडिया से बातचीत में इमरान मसूद ने कहा कि मंदिर की चंदाचोरी पर जिस मुखरता से बात हो रही है, उसी तरह मुस्लिमों पर हो रही सीनाजोरी पर क्यों चुप्पी है? तमाम मस्जिदें गिराई जा रही हैं, मजारें तोड़ी जा रही हैं. काशी में एक मस्जिद तोड़ दी गई, अब दूसरी को नोटिस दिया गया. ये सब डेढ़-दो सौ साल पुरानी मस्जिदें हैं, इन्हें अवैध बता कर तोड़ा जा रहा है.
मसूद ने आगे कहा कि मुस्लिम उनका अपना वोट बैंक है, फिर भी अखिलेश यादव इन मुद्दों पर खामोश क्यों हैं? उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि राहुल गांधी तो हर संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बोलते हैं. यह हमला तब आया है जब अखिलेश यादव ने हाल ही में कांग्रेस को कमजोर बताया था. इमरान मसूद ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस कमजोर नहीं है और राहुल गांधी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि अकेले कोई भी पार्टी भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकती, इसलिए सभी को कांग्रेस का हाथ मजबूती से थामना चाहिए.
इमरान मसूद ने सीट बंटवारे को लेकर भी सपा पर दबाव बनाया. उन्होंने कहा कि अगर ईमानदारी से चुनाव लड़ना है तो तुरंत बैठकर सीट बंटवारा तय कर लिया जाए, वरना लोगों में कन्फ्यूजन रहेगा और नुकसान गठबंधन को ही होगा. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का यह बयान यूपी की 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच विपक्षी गठबंधन में दरार की अटकलों को और बढ़ा रहा है.