नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में ज्वाइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेतृत्व वाले बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए पाकिस्तान सरकार ने कथित तौर पर खाद्यान्न, ईंधन और दवाइयों की आपूर्ति रोक दी है. मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, पूंछ, बाग और नीलम घाटी समेत पूरे क्षेत्र में भारी संकट पैदा हो गया है. स्थानीय निवासी और विपक्षी दलों का आरोप है कि पाकिस्तानी प्रशासन ने जानबूझकर जरूरी सामान ले जा रहे ट्रकों और वाहनों को चेकपोस्ट पर रोका हुआ है.
BBC Urdu, Dawn और AFP की रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आजाद पट्टन, फगवारी और अन्य जगहों पर ट्रक खड़े हैं, जिनमें आटा, चावल, दाल और सब्जियां सड़ रही हैं. एक निवासी नवेद ने बताया कि रावलपिंडी से खाना, दवा और पेट्रोल लेकर लौटते समय पुलिस ने उन्हें रोका और सामान फेंकने को कहा. उसने कहा, “मेरी पत्नी गर्भवती है, घर में भूखमरी की स्थिति है, लेकिन पुलिस ने सामान फेंकने पर ही जाने दिया.” मुजफ्फराबाद में 64 वर्षीय मुहम्मद मसकीन ने AFP को बताया कि दवाइयां nowhere नहीं मिल रही हैं. नीलम घाटी के अलिफ दीन ने कहा कि 15 दिन से राशन डिपो में पैसे जमा कर रहा हूं, लेकिन आटा नहीं मिल रहा.
58 मौतें, 70,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन 12 आरक्षित सीटों के विवाद से शुरू हुआ था. पाकिस्तान ने JAAC को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया और कार्रवाई की, जिसमें अब तक कम से कम 58 लोगों की मौत हो चुकी है. रावलाकोट के ईदगाह मैदान में 70,000 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे हैं. JAAC ने मुजफ्फराबाद की ओर एक लाख लोगों के मार्च की चेतावनी दी है.
पाकिस्तानी अधिकारी इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय मीडिया और PTI जैसे दलों ने इसे “फिरऔनी जुल्म” बताया है. यह संकट POK में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से को और बढ़ा रहा है.