नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था. BJP ने उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत इस्तीफा दिया.
कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
केरल के वरिष्ठ BJP नेता जॉर्ज कुरियन ईसाई समुदाय से आते हैं, जो मोदी सरकार में पार्टी के इकलौते ईसाई मंत्री थे. 65 वर्षीय कुरियन अगस्त 2024 से केंद्रीय राज्य मंत्री थे.अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अलावा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे थे. सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी कर चुके हैं. BJP ने हाल के राज्यसभा चुनाव में उन्हें दोबारा नामांकित नहीं किया था. कुछ रिपोर्ट्स में केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को भी इसका कारण बताया जा रहा है.
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं. कई नामों पर अटकलें लगाई जा रही हैं. यह इस्तीफा सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन BJP के संगठनात्मक बदलाव का संकेत भी दे रहा है. कुरियन अब केरल में पार्टी की जमीनी काम पर फोकस करेंगे.