कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सनसनीखेज बगावत! पार्टी के बागी विधायकों ने सोमवार को संस्थापक और सर्वेसर्वा ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटा दिया. उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है. बागियों ने विधायक अरूप रॉय को नया अध्यक्ष चुन लिया. यह TMC के इतिहास की सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती मानी जा रही है. विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद शुरू हुई बगावत अब पार्टी के संगठनात्मक स्तर तक पहुंच गई है.
बागियों का बड़ा दावा
विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने विशेष सत्र बुलाकर यह फैसला लिया. बैठक के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “असली-नकली का सवाल नहीं, हम ही TMC हैं. उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया पार्टी संविधान के अनुसार हुई है और इसका विवरण निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा.
बागी गुट ने नई टीम भी घोषित की
बागियों ने ममता बनर्जी को नरम संदेश भी दिया, यदि वे चाहें तो मुख्य सलाहकार बन सकती हैं. विधानसभा में TMC के 80 में से 58 से 64 तक विधायक बागी गुट के साथ. लोकसभा में 28 में से 20 सांसद पहले ही अलग हो चुके हैं और NDA को समर्थन देने की घोषणा कर चुके हैं.
पार्टी में गहरे असंतोष की जड़ें अभिषेक बनर्जी की तानाशाही और नेपोतिज्म (रिश्तेदारवाद) को बताया जा रहा है. बागी गुट का आरोप है कि ममता-परिवार के एकाधिकार ने पार्टी को कमजोर कर दिया. निर्वाचन आयोग अब इस असली TMC विवाद का फैसला करेगा. पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम बड़े भूकंप का संकेत दे रहा है.