नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया है. इस फैसले से भारत को सीधा फायदा पहुंचने वाला है. सालों बाद फिर से सस्ता ईरानी कच्चा तेल भारत पहुंच सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरने और पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
अमेरिका का बड़ा फैसला
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी तेल, पेट्रोकेमिकल्स और पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े सभी लेन-देन को 21 अगस्त 2026 तक मंजूरी दे दी है. यह छूट अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत के बीच आई है. पहले प्रतिबंधों से पहले भारत, ईरानी तेल का बड़ा खरीदार था (कुल आयात का 10% से ज्यादा हिस्सा). रानी तेल कीमत में प्रतिस्पर्धी होता है, जो भारतीय रिफाइनरियों के लिए आकर्षक है.
इससे रूस और खाड़ी देशों के साथ मोलभाव की ताकत बढ़ेगी. सस्ता आयात, कम आयात बिल, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राहत की संभावना. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर लॉजिस्टिक्स अनुकूल रहे तो ईरानी तेल का आयात तेजी से बढ़ सकता है.
हालांकि, यह छूट अस्थायी है, इसलिए बैंक, शिपिंग और बीमा कंपनियां अभी सतर्क हैं. यह फैसला भारत के लिए राहत भरा है, खासकर जब वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. आम जनता को उम्मीद है कि जल्द ही पेट्रोल पंप पर राहत मिलेगी!