बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में ताजिया जुलूस के दौरान कथित तौर पर लगाए गए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे वाले मामले में खुलासा हुआ है. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर पुलिस ने विस्तृत जांच की, जिसमें सामने आया कि वीडियो के जरिए सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी.
मामले की शुरुआत तब हुई जब योगेन्द्रपाल नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ताजिया जुलूस के दौरान पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए गए. साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि इसका विरोध करने पर हिंदू समुदाय के कुछ लोगों के साथ मारपीट की गई.
हालांकि, पुलिस द्वारा वीडियो और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच करने पर अलग तस्वीर सामने आई। जांच में पता चला कि वीडियो में सुनाई देने वाला नारा किसी घटना का हिस्सा नहीं था. पुलिस के अनुसार, योगेन्द्रपाल सिंह और उसके सहयोगी भुवनेश कुमार ने कथित तौर पर एक 12 वर्षीय मुस्लिम बच्चे को यह नारा लगाने के लिए उकसाया था. इसके बाद पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया गया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.
पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य लोगों के बीच तनाव पैदा करना और माहौल को प्रभावित करना था. जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या दावे पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें. साथ ही अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की गई है.