लखनऊ अग्निकांड में अब तक 15 मृतकों की पुष्टि की गई है। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। मृतकों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच थी, जिनमें अधिकतर छात्र थे, जो हादसे के समय लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर और गेमिंग स्टेशन में मौजूद थे।
सीतापुर जिले के आदित्य श्रीवास्तव (25) उस बिल्डिंग के एनीमेशन सेंटर में नौकरी करते थे। उनके पिता वकील हैं। आदित्य की माता कल्पना श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने लोगों को पाइप के सहारे कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश करते देखा था।
23 वर्षीय गेम डिज़ाइनर सुखमणी सिंह ने दोपहर करीब दो बजे अपने पिता को फोन कर कहा, "पापा, मुझे बचा लो।“
वहीं, जयोनील चक्रवर्ती के परिजनों ने बताया कि करीब दो बजे जयोनील ने घबराकर घर पर फोन किया था। परिजनों का कहना है कि समय रहते लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
मृतक सूरज सिंह, जयोनील चक्रवर्ती के साथ रहते थे और एनीमेशन सेंटर में काम करते थे।
इस हादसे के बाद पीड़ितों के परिजन गहरे सदमे में हैं। वे सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचे, जबकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे।