कोलकाता : टीएमसी की एक महिला नेता, जो पेशे से प्राइमरी टीचर रही हैं, फिलहाल जिला परिषद की सदस्य हैं. नादिया इलाके में उनकी तूती बोलती है, भौकाल ऐसा कि पुलिस भी दिन में नहीं बल्कि रात में छापा मारने जाती है, वो भी करीब रात 2 बजे, और तीन घंटे के भीतर मकान का कोना-कोना जब खंगालती है, तो सोने की जो चमक दिखती है, उससे आंखें चौंधिया जाती हैं. छापा मारने वाली टीम के पास पहला सवाल यही था कि आखिर इतना सोना आया कहां से और उसकी जब पड़ताल होती है तो ऐसी कुंडली खुलती है कि ममता और अभिषेक बनर्जी के भी होश उड़ जाते हैं.
पता चलता टीएमसी के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता जो खुद को ममता का वफादार सिपाही कहते थे, इसी महीने जिन्हें पुलिस ने सलाखों के पीछे भेजा है. ये उसकी महिला मित्र है, जिसका कबूलनामा सब्यसाची ने भी किया है, जिसे लेकर दिलीप घोष कहते हैं कि TMC में गर्लफ्रेंड कल्चर ज्यादा बढ़ गया था, जो अब खुलकर सामने आ रहा है. हालांकि, छापेमारी के बाद भी सब्यसाची की महिला मित्र इस बात से इनकार कर जाती हैं, वो कहती हैं.
ये पूरा सोना मेरा नहीं बल्कि पूरे परिवार का है, पुलिस इसे गलत तरीके से पेश कर रही है, हमारे साथ राजनीति हो रही है. अब राजनीति कैसी, घर में सोना रखा था, पुलिस ने उसे ढूंढ लिया, लॉकर की चाबियां लेकर पता कर रही है कि कहीं चांदी और हीरा तो नहीं छिपाया गया है. आखिर एक जिला परिषद सदस्य के पास इतना पैसा कहां से आया, अगर ये सोना सब्यसाची दत्ता का है तो फिर ये भी सवाल है कि क्या ये अवैध वसूली से इकट्ठा किया गया है, क्योंकि सूत्रों के हवाले से मीडिया में ये जानकारी आई है कि सब्यसाची दत्ता लोगों से अवैध वसूली करते और फिर उन पैसों से सोना खरीद लेते थे.
सब्यसाची के फ्लैट और बैंक लॉकर की तलाशी हुई थी तब भी साढ़े 3 किलो सोना मिला था. अब यहां करीब 4 किलो सोना बरामद हुआ है, इसलिए पुलिस का शक गहराने लगा है. शक इस बात को लेकर भी है कि जिस टीना भौमिक साहा के घर से ये सोना मिला है, उनके पिता नाजीरपुर में कपड़ों की एक छोटी दुकान चलाते हैं, यानि परिवार पहले से संपन्न नहीं है.
इसलिए पुलिस अब टीना को नोटिस भेजने की तैयारी में है, चूंकि छापेमारी के वक्त वो वहां मौजूद नहीं थी, इसलिए पुलिस पहले नोटिस देगी और फिर पूछताछ कर गिरफ्तारी भी कर सकती है, यहां तक कि सब्यसाची दत्ता ने अगर और मुंह खोला तो फिर बात टीएमसी हाईकमान तक भी पहुंच सकती है, क्योंकि जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद ये चर्चा खूब हुई कि अभिषेक बनर्जी मुश्किलों में घिर चुके हैं. शायद यही वजह है कि वो अपनी आंखों का इलाज करवाने के नाम पर अब विदेश जाना चाहते हैं, जबकि उनके विदेश जाने पर पहले रोक लग चुकी थी, पता चला था एक हादसे में उनकी आंखों में चोट लगी थी, उसके बाद से वो जरूरत पड़ने पर विदेश जाकर इलाज करवाते रहे हैं, लेकिन क्या ये कार्रवाई से बचने का प्लान है, ये सवाल भी टीएमसी के विरोधी पूछने लगे हैं.
फिलहाल अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, पहले नोटिस लेकर सीआईडी की टीम घर पहुंच रही थी, फिर ईडी की टीम बुलावा भेज रही थी, और अब एक मामले में अदालत ने अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल लेने की अनुमति पुलिस टीम को दे दी है. जिसका मतलब है अगर वीडियो से उनका वॉयस मैच करता है तो फिर उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ताजा मामला गृहमंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान का बताया जा रहा है. सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ममता बनर्जी के राज में इतने धनकुबेर कैसे पैदा हो गए, जो सुवेंदु सरकार बनने के बाद से लगातार कई घरों से खजाने निकल रहे हैं.