संभल: एक दिल दहला देने वाले मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की के-9 यूनिट की 7 वर्षीय लैब्राडोर डॉग मैरी ने कमाल कर दिया. 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य बलात्कार के मामले में जब पुलिस की जांच बंद गली में अटक गई थी, तब मैरी ने क्राइम सीन पर छूटे गमछे को सूंघकर महज कुछ मिनटों में आरोपी तक पुलिस को पहुंचा दिया.
19 जून को संभल के बबराला इलाके में यह घटना हुई. बच्ची को उसकी मां ने बेहद व्यथित हालत में झाड़ियों में पाया. बच्ची सदमे में थी और घटना का ब्योरा नहीं दे पा रही थी. पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कोई CCTV नहीं, कोई चश्मदीद गवाह नहीं और शुरुआती फॉरेंसिक क्लू भी पर्याप्त नहीं थे. जांच ठप पड़ गई.
तब पुलिस ने के-9 यूनिट को बुलाया. लैब्राडोर मैरी को घटनास्थल पर लाया गया और आरोपी द्वारा छोड़े गए गमछे को सुंघाया गया. गमछा सूंघते ही मैरी ने गंध का पीछा करना शुरू किया. वह गलियों से होते हुए घटनास्थल से महज कुछ सौ मीटर दूर आरोपी के घर तक सीधे पहुंच गई.
आरोपी की पहचान बबराला निवासी संदीप के रूप में हुई. पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो आरोपी ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी. एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ. दोनों का इलाज चल रहा है.
मैरी को मिला इनाम
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने मैरी को 10,000 रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया. मैरी 2019 से सेवा दे रही है और अपनी ट्रेनिंग बैच की गोल्ड मेडलिस्ट है. इससे पहले भी उसने कई हत्या, चोरी और गंभीर मामलों में पुलिस की मदद की है. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रशिक्षित पुलिस डॉग्स आधुनिक जांच का कितना महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं, खासकर जब तकनीक और गवाह नाकाम हो जाएं.