पश्चिम बंगाल में कथित उगाही, हवाला और प्रॉपर्टी नेटवर्क की जांच अब तेजी से बड़े नामों तक पहुंचती दिख रही है। कोलकाता पुलिस के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा विश्वास की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। कांडी स्थित उनके आलीशान घर का ताला तोड़कर ED की टीम अंदर दाखिल हुई और कई दस्तावेजों की जांच शुरू की।
यह कार्रवाई कथित तौर पर “सोना पप्पू” नेटवर्क और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच का हिस्सा बताई जा रही है। जांच में ED, NIA और स्थानीय पुलिस की टीमें भी सक्रिय हैं।
सुबह करीब 6 बजे ED की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ शांतनु सिन्हा विश्वास के घर पहुंची। घर कई दिनों से बंद पड़ा था। अधिकारियों ने पहले आसपास के लोगों से पूछताछ की और फिर ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
घर की बनावट और अंदरूनी व्यवस्था देखकर जांच एजेंसियों को शक है कि इस संपत्ति पर भारी रकम खर्च की गई थी। हालांकि शुरुआती जांच में बड़ी नकदी बरामद नहीं हुई, लेकिन एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सुराग मिले हैं।
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने इस कार्रवाई पर कहा कि बंगाल में बालू, कोयला, जमीन और प्रॉपर्टी घोटालों की गहराई से जांच होगी। उन्होंने दावा किया कि अब “बुलडोजर और छापे” दोनों चलेंगे और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक “सोना पप्पू” उर्फ बिस्वजीत पोद्दार का नाम इस पूरे नेटवर्क के केंद्र में सामने आ रहा है। उस पर हत्या की कोशिश, वसूली, आर्म्स एक्ट समेत करीब 15 मामले दर्ज बताए जाते हैं।
ED को शक है कि रियल एस्टेट, हवाला और अवैध उगाही के जरिए करोड़ों रुपये का नेटवर्क खड़ा किया गया। जांच के दौरान जॉय कामदार नाम के कारोबारी की गिरफ्तारी हुई थी, जिसके घर से करीब 1.2 करोड़ रुपये नकद मिलने का दावा किया गया।
ED का दावा है कि जॉय कामदार से मिले व्हाट्सऐप चैट और डिजिटल डेटा में DCP शांतनु सिन्हा विश्वास और सोना पप्पू नेटवर्क के बीच संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं। जांच में करीब 2.5 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन की भी बात सामने आई है।
इसके बाद ED ने शांतनु को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन उनके पेश नहीं होने पर लुकआउट नोटिस जारी किया गया। बाद में उनकी गिरफ्तारी हुई।
बीजेपी लगातार आरोप लगाती रही है कि सोना पप्पू को राजनीतिक संरक्षण हासिल था और उसके तार TMC के बड़े नेताओं तक जुड़े हो सकते हैं। इसी बीच कोलकाता नगर निगम द्वारा कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी से जुड़ी संपत्तियों पर नोटिस भेजे जाने की खबरों ने बंगाल की राजनीति का तापमान और बढ़ा दिया है।
हालांकि TMC की ओर से इन आरोपों पर अब तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोना पप्पू का असली नाम बिस्वजीत पोद्दार बताया जाता है। बंगाल के अपराध जगत और राजनीति में उसका नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें कई राजनीतिक नेताओं के साथ वायरल होती रही हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि उसके पास ऐसे कई राज हैं, जिनसे बंगाल की राजनीति और पुलिस तंत्र में बड़े खुलासे हो सकते हैं।