नई दिल्ली : देश के बड़े कॉरपोरेट समूहों में शामिल वेदांता ग्रुप को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अग्रवाल से जुड़े वेदांता ग्रुप के कुछ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के कथित उल्लंघन से जुड़ी जांच के तहत की गई है.
सूत्रों के अनुसार ED की टीम विदेशी लेनदेन, फंड ट्रांसफर, वित्तीय दस्तावेजों और कथित विदेशी निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं विदेशी मुद्रा नियमों या सीमा पार वित्तीय लेनदेन में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई.
वेदांता ग्रुप देश का प्रमुख खनन, धातु, तेल और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा बड़ा कारोबारी समूह है. ऐसे में इस कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद कॉरपोरेट जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी बड़े कॉरपोरेट समूह पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई का असर निवेशकों की धारणा और कारोबारी माहौल पर भी पड़ सकता है.
हालांकि, अभी तक ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं वेदांता ग्रुप की तरफ से भी मामले पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है.
अगर जांच का दायरा आगे बढ़ता है और नए तथ्य सामने आते हैं, तो इसका असर शेयर बाजार, निवेशकों के भरोसे और कॉरपोरेट सेक्टर की गतिविधियों पर देखने को मिल सकता है. फिलहाल सभी की नजरें ED की अगली कार्रवाई और वेदांता के आधिकारिक पक्ष पर टिकी हुई हैं.