केरल में ED रेड के दौरान बवाल, पिनारई विजयन की बेटी की कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज

Global Bharat 28 May 2026 04:06: PM 2 Mins
केरल में ED रेड के दौरान बवाल, पिनारई विजयन की बेटी की कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज

केरल में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की छापेमारी के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में बड़ी संख्या में लोग केंद्रीय एजेंसियों की गाड़ियों को घेरते दिखाई दे रहे हैं। कहीं पत्थरबाजी हो रही है तो कहीं वाहनों के शीशे तोड़े जा रहे हैं। जिस गाड़ी पर हमला हुआ, वह ED अधिकारियों की बताई जा रही है, जो पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई करने पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई विजयन की बेटी टी वीणा और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। ED का आरोप है कि कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) ने वर्ष 2018-19 के दौरान एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन इसके बदले कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई।

इसी लेन-देन को संदिग्ध मानते हुए पहले आयकर विभाग ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच शुरू की। इस मामले की जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) भी कर रहा है।

मंगलवार को केरल हाईकोर्ट ने CMRL की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें ED जांच को रद्द करने की मांग की गई थी। इसके बाद ED ने तिरुवनंतपुरम, कन्नूर, कोझिकोड और अलुवा समेत चार शहरों में करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की।

छापेमारी जिन स्थानों पर हुई उनमें तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन स्थित वह किराए का मकान भी शामिल है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के रहने की बात कही जा रही है। इसके अलावा कन्नूर में विजयन के पुश्तैनी घर, कोझिकोड में उनके दामाद और विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास के घर और अलुवा में CMRL कंपनी के दफ्तर और कंपनी प्रबंधन से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई हुई।

रेड के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू हो गया। आरोप है कि ED अधिकारियों की गाड़ियों पर हमला किया गया और नारेबाजी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने राजनीतिक आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि लंबे समय से उनके घर की तलाशी लेने की कोशिश हो रही थी और इससे कुछ राजनीतिक विरोधियों को संतुष्टि मिलेगी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों पर इस तरह के हमलों के लिए जिम्मेदार कौन है। साथ ही यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या ED और CBI जैसी एजेंसियां राज्यों में राजनीतिक तनाव और भीड़ के दबाव के बीच सुरक्षित तरीके से जांच कर पाएंगी।

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